Share This Article रायपुर, 13 अगस्त 2026/ Dog Vaccination Camp : पशु चिकित्सक डॉ. पदम जैन स्वतंत्रता दिवस पर ‘रेबीज़-मुक्त भारत’ का संकल्प ले रहे हैं। पिछले 22 वर्षों से, हर साल 15 अगस्त को कुत्तों और बिल्लियों के लिए मुफ़्त एंटी-रेबीज़ टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद न केवल जानवरों को रेबीज़ से बचाना है, बल्कि इंसानों को भी इस जानलेवा बीमारी से बचाने के बारे में जागरूकता फैलाना है। 15 अगस्त को फ्री वैक्सीनेशन कैंप हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 15 अगस्त 2026 को डॉग्स और कैट्स का निःशुल्क एंटी-रेबीज़ टीकाकरण किया जाएगा। स्थान- Pet Health Clinic, शंकर नगर में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक पालतू पशुओं के साथ-साथ आसपास के ऐसे डॉग्स और कैट्स को भी टीकाकरण के लिए लाया जा सकता है, जिनका वैक्सीनेशन कराया जाना है। 22 साल से जारी है अभियान आयोजकों के अनुसार, पिछले 22 वर्षों से लगातार 15 अगस्त को यह अभियान चलाया जा रहा है। पिछले वर्ष एक ही दिन में करीब 1,500 डॉग्स का टीकाकरण किया गया था। इस वर्ष इससे भी अधिक पशुओं तक पहुंचने और उन्हें रेबीज़ से सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। पशुओं के संपर्क में रहने वालों के लिए भी वैक्सीनेशन पिछले वर्ष अभियान का विस्तार करते हुए उन लोगों के लिए भी Pre-Exposure Anti-Rabies Vaccination शुरू किया गया, जो नियमित रूप से पशुओं के संपर्क में रहते हैं। इसमें एनिमल वॉलंटियर्स, रेस्क्यूअर्स, फीडर्स और एनिमल हैंडलर्स शामिल हैं। एक शेयर से बच सकती है जान अभियान से जुड़े लोगों ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर उनके घर में डॉग या कैट है अथवा आसपास ऐसे पशु हैं जिनका टीकाकरण कराया जा सकता है, तो उन्हें इस निःशुल्क अभियान का लाभ दिलाएं। साथ ही इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुओं का टीकाकरण हो सके। डॉग्स और कैट्स को वैक्सीन क्यों लगवाएं? रेबीज़ से सुरक्षा: संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने की स्थिति में संक्रमण का जोखिम कम होता है। इंसानों की सुरक्षा: पालतू पशु संक्रमित होने से बचेंगे तो उनके जरिए इंसानों में संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होगा। बाहर घूमने वाले पेट्स के लिए खास जरूरी: दूसरे जानवरों के संपर्क में आने की संभावना अधिक रहती है। कम्युनिटी की सुरक्षा: ज्यादा से ज्यादा कुत्तों और बिल्लियों का टीकाकरण होने से रेबीज़ के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिलती है। वैक्सीन रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है: रेबीज़ से बचाव के लिए पशुओं का नियमित टीकाकरण महत्वपूर्ण है। इंसानों के लिए भी क्यों महत्वपूर्ण? अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते, बिल्ली या किसी संदिग्ध स्तनपायी जानवर ने काटा/खरोंचा है, तो घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देरी के डॉक्टर/स्वास्थ्य केंद्र से रेबीज़ पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) के बारे में सलाह लेनी चाहिए। सिर्फ पशु को वैक्सीन लग जाने का मतलब यह नहीं कि काटने के बाद इंसान को चिकित्सा की जरूरत नहीं है। Share This Article Post navigation SP IAS Singing : जब कलेक्टर-एसपी ने थामा माइक तो सुरों में ढल गई विदाई की शाम…! गीत ने जीता सबका दिल…आप भी सुनें Google Boy रुद्र शर्मा का अनोखा बर्थडे सेलिब्रेशन…! पौधे लगाए और बच्चों को दिए Digital Detox के टिप्स