Share This Article रायपुर, 18 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / असम में 8,970 करोड़ रुपये की लागत से 135.87 किमी लंबा चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे यात्रा समय घटने, परिवहन लागत कम होने और चाय, पर्यटन, कृषि व व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सफर होगा तेज, समय में 50% तक कमी कॉरिडोर बैहाटा चारियाली को तेजपुर से जोड़ेगा। परियोजना से औसत यात्रा गति में करीब 100% बढ़ोतरी और यात्रा समय में 50% तक कमी आने का अनुमान है। पांच प्रमुख बाईपास भी बनाए जाएंगे, जिससे शहरों में जाम और भारी वाहनों का दबाव कम होगा। असम की चाय को मिलेगा बड़ा फायदा बेहतर सड़क संपर्क से चाय बागानों से कारखानों और फिर बाजारों तक चाय की आवाजाही अधिक तेज और भरोसेमंद होगी। कम यात्रा समय और ईंधन खर्च से उत्पादकों और परिवहन कारोबार को लाभ मिलने की संभावना है। पर्यटन को भी मिलेगी नई उड़ान कॉरिडोर से कामाख्या मंदिर, काजीरंगा और ओरंग राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। इससे गुवाहाटी, तेजपुर और उत्तर असम को जोड़कर नए पर्यटन सर्किट विकसित हो सकते हैं। 5 बाईपास, 15 बड़े पुल और 19 फ्लाईओवर परियोजना में 58.7 किमी के पांच प्रमुख बाईपास, 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, 46 अंडरपास और 210 किमी सर्विस रोड शामिल हैं। तेजपुर बाईपास में हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अंडरपास भी प्रस्तावित है। व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती कॉरिडोर को पीएम गतिशक्ति के तहत आर्थिक, सामाजिक, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जोड़ा जाएगा। इसमें रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और जलमार्ग टर्मिनलों से बेहतर संपर्क की योजना है। रणनीतिक महत्व भी अहम तेजपुर बाईपास पर 4.9 किमी लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा प्रस्तावित है। साथ ही नया कॉरिडोर मौजूदा एनएच-27 पर यातायात का दबाव कम करने और असम के साथ अरुणाचल प्रदेश के संपर्क को मजबूत करने में मदद करेगा। Share This Article Post navigation चीन ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने को लेकर की भारत की आलोचना