Milk CapitalMilk Capital
Share This Article

रायपुर, 19 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / मध्यप्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में सरकार ने डेयरी क्षेत्र में तेजी बढ़ाई है। प्रदेश में करीब 2 हजार नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं, जबकि 801 निष्क्रिय समितियों को फिर से सक्रिय किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय बढ़ाने के प्रयासों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

27% बढ़ा दूध संकलन

प्रदेश में दूध संकलन 2024-25 के 8.73 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 2026-27 में जुलाई तक 9.75 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो गया है। सरकार के अनुसार, दो वर्षों में इसमें करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

पशुपालकों को भी बढ़ा भुगतान

दुग्ध उत्पादकों को 2024-25 में जहां 1,477 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये हो गया। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल रही है।

🚜 गांव-गांव डेयरी नेटवर्क का लक्ष्य

प्रदेश में 1,926 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित हो चुकी हैं। वर्ष 2028-29 तक 3,827 और समितियां बनाने का लक्ष्य है। अगले पांच वर्षों में कम से कम 50% गांवों में प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियां स्थापित करने की योजना है।

🏭 ग्वालियर-जबलपुर को ब्याज मुक्त ऋण

दुग्ध संकलन और प्रसंस्करण के लिए ग्वालियर दुग्ध संघ को 4.70 करोड़ रुपये और जबलपुर दुग्ध संघ को 5 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है।

📱 डेयरी सेक्टर होगा डिजिटल

मुख्यमंत्री ने दुग्ध संकलन बढ़ाने, डेयरी वैल्यू चेन के डिजिटलीकरण, मैदानी कर्मचारियों की आईटी आधारित मॉनिटरिंग और दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के निर्देश दिए। शहरों में नए डेयरी पार्लर खोलने, समितियों में माइक्रो एटीएम लगाने और महिला सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।


Share This Article