Connectivity to Nepal borderConnectivity to Nepal border
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केंद्र सरकार ने बिहार के लिए बड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी दी है. मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा के बीच 82.578 किमी लंबे NH-22 को चार लेन में विकसित किया जाएगा।

करीब 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से नेपाल सीमा, औद्योगिक क्षेत्रों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

3,590 करोड़ से बनेगा फोरलेन कॉरिडोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने परियोजना को मंजूरी दी है। इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत होगा।

नेपाल सीमा तक आसान होगा सफर

नया फोरलेन कॉरिडोर सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को मुजफ्फरपुर और NH-27 से जोड़ेगा। इससे सीमा पार यात्रियों और माल की आवाजाही को गति मिलेगी।

जाम से राहत, सफर होगा तेज

मुजफ्फरपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में यातायात दबाव कम होगा।

बेहतर सड़क से यात्रा समय, ईंधन खपत और वाहनों की परिचालन लागत में कमी आने की उम्मीद है।

बनेंगे 7 बड़े पुल, 3 ROB और 2 फ्लाईओवर

परियोजना में 7 प्रमुख पुल, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवर शामिल हैं। इनमें बागमती नदी पर करीब 340 मीटर लंबा प्रमुख पुल भी बनाया जाएगा।

उद्योग, कारोबार और कृषि को मिलेगा फायदा

फोरलेन सड़क से औद्योगिक क्षेत्रों, मेगा फूड पार्क, रेलवे स्टेशनों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे माल ढुलाई, कृषि आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर

परियोजना से सीतामढ़ी के पुनौरा धाम, माता जानकी मंदिर, बाबा गरीबनाथ मंदिर सहित बौद्ध सर्किट जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

पीएम गतिशक्ति को मिलेगा बढ़ावा

यह परियोजना पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेगी। इससे बिहार के इस पूरे क्षेत्र में यात्री और माल परिवहन तेज होने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।


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