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रायपुर, 22 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / लद्दाख में खेती और जल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। स्टोक गांव नाला से बहकर सिंधु नदी में जाने वाले करीब 9 करोड़ लीटर ग्लेशियर का पानी रोजाना इगू-पेह सिंचाई नहर में पहुंचाया जा रहा है। इससे करीब 12 गांवों की 1,000 एकड़ से अधिक जमीन की सिंचाई बेहतर होगी।

JCB से बनीं दो खाइयां, बिना बड़े खर्च के पानी डायवर्ट

प्रशासन ने साधारण अर्थवर्क और JCB की मदद से नाले के पानी का एक हिस्सा मौजूदा नहर की ओर मोड़ दिया। इस काम में किसी बड़े पूंजीगत खर्च की जरूरत नहीं पड़ी।

नहर में 50 से बढ़कर 80 क्यूसेक तक होगा पानी

स्टोक नाला से करीब 36.60 क्यूसेक पानी बहता है। इसमें से फिलहाल 26 क्यूसेक पानी इगू और पेह की ओर मोड़ा गया है। इससे नहर में पानी का प्रवाह करीब 50 से बढ़कर 80 क्यूसेक तक पहुंचने की उम्मीद है।

12 गांवों को नियमित पानी, बढ़ेगी खेती

पानी की कमी के कारण पहले गांवों को तय रोस्टर के अनुसार सिंचाई पानी मिलता था।

अतिरिक्त पानी मिलने के बाद सभी 12 गांवों को रोजाना पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे फसल उत्पादन और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

लद्दाख में ऐसे और प्रोजेक्ट होंगे
प्रशासन ने मैथो नाला, तुचिक चेनमो, तुचिक चोन और स्टकना नाला समेत अन्य जलधाराओं की भी पहचान की है।

लक्ष्य है कि ग्लेशियर के बिखरे पानी को कम लागत और पर्यावरण अनुकूल तरीके से खेतों तक पहुंचाकर लद्दाख को जल-सुरक्षित और कृषि के लिहाज से आत्मनिर्भर बनाया जाए।


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