Lunar eclipse on Raksha BandhanLunar eclipse on Raksha Bandhan
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रायपुर, 27 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा

28 अगस्त का आंशिक चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखाई देगा।

भारत समेत नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, चीन और जापान में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

भारत में सूतक क्यों नहीं लगेगा?

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूतक उसी ग्रहण का माना जाता है, जो संबंधित स्थान पर दिखाई देता है।

चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दृष्टिगोचर नहीं होगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा।

क्या होता है सूतक?

परंपरागत ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक शुरू माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, शुभ कार्य और भोजन आदि को लेकर कई धार्मिक नियम बताए गए हैं।

ग्रहण के दौरान क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं का पालन करने वाले लोग सामान्यतः इस दौरान:

ईष्ट देव के मंत्रों का जाप और ध्यान कर सकते हैं।

“ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं।

ग्रहण दिखाई देने वाले क्षेत्रों में ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान की परंपरा है।

घर में गंगाजल का छिड़काव और मंदिर में दीपक जलाने की परंपरा भी बताई जाती है।

सुंदरकांड या धार्मिक पाठ करने की मान्यता है।

सबसे जरूरी बात

भारत में 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां धार्मिक मान्यताओं के अनुसार न ग्रहण का प्रभाव माना जाएगा और न ही सूतक काल।


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