Share This Article काठमांडू, अगस्त। Nepal Flood News : नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। रसुवा जिले में अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे करीब 350 मजदूरों और स्थानीय लोगों को नेपाली सेना ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इनमें 63 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि राहत की इस खबर के साथ चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। नेपाली सेना के मुताबिक, टनल के अंदर 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खराब मौसम, तेज बहाव और बर्बाद हो चुके रास्तों के कारण बचाव दलों को बेहद मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। 63 भारतीय भी सुरक्षित निकाले गए नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन से बड़ी राहत की खबर आई है। त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल से निकाले गए करीब 350 लोगों में 63 भारतीय नागरिक शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी 63 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित रेस्क्यू की जानकारी साझा की है। यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ जब रसुवा और आसपास के इलाकों में सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बाढ़ और मलबे से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नेपाली सेना ने 883 लोगों को पहुंचाया सुरक्षित त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल के अलावा नेपाली सेना ने रसुवा के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में भी बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया है। सेना की टीमों ने स्याफ्रुबेसी, तिमुरे, मैलुंग, थुलो हाकु और हाकुबेसी जैसे इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार रसुवा में सेना ने अब तक कुल 883 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से भी प्रभावित और दुर्गम इलाकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ से तबाह हो चुके रास्ते और टनल के प्रवेश मार्गों का क्षतिग्रस्त होना है। 100 से ज्यादा लोगों को निकालने की चुनौती 350 लोगों को सुरक्षित निकालने के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। नेपाली सेना ने बताया है कि 100 से ज्यादा लोग अभी भी टनल के भीतर फंसे हो सकते हैं। सेना तकनीकी उपकरणों और प्रशिक्षित टीमों की मदद से टनल के अंदर फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। दो हेलीकॉप्टरों को भी अभियान में लगाया गया है। नेपाल में फिर बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में एक और खतरे को लेकर प्रशासन सतर्क है। तिब्बत की ओर बने barrier lake/जलाशय में पानी बढ़ने से निचले इलाकों में अचानक पानी आने की आशंका जताई गई है। इसी वजह से भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रसुवा और नुवाकोट समेत नदी घाटियों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने की अपील की गई है। 26 अगस्त की बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। शुरुआती रिपोर्टों में इसे ग्लेशियर/बर्फ-पत्थर के बड़े पैमाने पर खिसकने और उसके बाद आए मलबे वाले फ्लड से जोड़ा गया है। बाढ़ ने गांवों, पुलों, सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। ताजा रिपोर्टों में मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। इसलिए अंतिम आंकड़ा संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा। भारत के लिए भी अहम है रेस्क्यू ऑपरेशन नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के फंसे होने की खबरों के बीच भारत सरकार भी नेपाल के साथ लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 63 भारतीय कामगारों को त्रिशूली-I परियोजना से सुरक्षित निकाला गया है, जबकि अन्य भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने के लिए प्रयास जारी हैं। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल से 350 लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। अब रेस्क्यू टीमों का फोकस अंदर फंसे 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालने पर है। Share This Article Post navigation प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल अपने बच्चों के साथ 6 साल बाद लौटेंगे ब्रिटेन