Aftab AnsariAftab Ansari
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रायपुर, 29 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / पश्चिम बंगाल की प्रेसीडेंसी जेल में गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। वर्ष 2002 में कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले के मामले में दोषी और आजीवन कारावास की सजा काट रहे आफताब अहमद अंसारी के जेल कक्ष से तलाशी के दौरान तीन मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की गई है।


गुप्त सूचना के आधार पर जेल विभाग के अधिकारियों ने प्रेसीडेंसी सुधार गृह के कक्ष संख्या 14 में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान आफताब अंसारी के कपड़ों और बिस्तर के बीच से एक-एक कर तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।


इसके अलावा अधिकारियों को दो राउटर, एक वाई-फाई उपकरण, एक कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन भी मिले। कक्ष से करीब 31 हजार रुपये नकद बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी जेल के भीतर आफताब तक कैसे पहुंची।


प्रेसीडेंसी सुधार गृह के एक अधिकारी के अनुसार, जेल में समय-समय पर विशेष तलाशी अभियान चलाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना है कि बरामद उपकरणों का इस्तेमाल कैदी किससे और किन मुद्दों पर बातचीत करने के लिए कर रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि आफताब अंसारी जेल के अंदर से नियमित रूप से मोबाइल फोन के जरिए बातचीत कर रहा था। ऐसी भी सूचना थी कि वह मोबाइल के अलावा इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा था। इस सूचना के बाद जेल प्रशासन को सतर्क किया गया और कक्ष संख्या 14 में तलाशी अभियान चलाया गया।


बरामदगी के बाद जेल अधिकारियों ने हेस्टिंग्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जेल के भीतर किस माध्यम से पहुंचे और इनके जरिए किन लोगों से संपर्क किया गया।


जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रेसीडेंसी सुधार गृह में कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचने का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी जेल के भीतर अवैध रूप से मोबाइल फोन पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं।


15 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा जेल के भीतर चल रहे कथित अवैध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा के बाद जेल प्रशासन को लेकर कड़ा संदेश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछली सत्तारूढ़ व्यवस्था से जुड़े लोगों ने कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचाने में मदद की थी।


इसके बाद पूरे जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया था, जिसमें कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। उस कार्रवाई के बाद प्रेसीडेंसी सुधार गृह के अधीक्षक और मुख्य नियंत्रक को निलंबित कर दिया गया था। मामले की जांच अपराध जांच विभाग को भी सौंपी गई थी।
आफताब अहमद अंसारी पर लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर रही है। उसे कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस हमले में सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाया गया था।


अदालत ने आफताब को मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। वह वर्तमान में प्रेसीडेंसी सुधार गृह में सजा काट रहा है।


जेल कक्ष से मोबाइल फोन, इंटरनेट से जुड़े उपकरण और नकदी बरामद होने के बाद अब पुलिस और जेल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि इन वस्तुओं को जेल के भीतर किसने पहुंचाया और इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।


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