Share This Article रायपुर, 30 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / अमेरिका की सैन्य अदालत ने 9/11 हमलों के कथित मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद (KSM) के 2007 में FBI एजेंटों के सामने दिए गए बयानों को मुकदमे में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने से रोक दिया है। जज ने माना कि ये बयान स्वेच्छा से नहीं दिए गए थे। यह फैसला अमेरिकी अभियोजन पक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कोर्ट ने क्यों खारिज किया कबूलनामा ? सैन्य न्यायाधीश लेफ्टिनेंट कर्नल माइकल श्रामा के अनुसार, अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि 2007 में FBI को दिए गए बयान पूरी तरह स्वेच्छा से दिए गए थे। अदालत ने पूछताछ के दौरान कथित दबाव और पहले हुए CIA हिरासत के अनुभवों को भी महत्वपूर्ण माना। 9/11 साजिश में मुख्य आरोपी खालिद शेख मोहम्मद पर चार विमानों को हाईजैक करने और उन्हें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर तथा पेंटागन से टकराने की साजिश में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप है। 11 सितंबर 2001 के हमलों में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी। मुकदमे की तारीख 2028 तय मामले की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बीच सैन्य अदालत ने खालिद शेख मोहम्मद और तीन अन्य आरोपियों के मुकदमे की शुरुआत 5 जून 2028 से करने की तारीख तय की है। हालांकि, अभियोजन पक्ष इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है, जिससे मामले में और देरी संभव है। अमेरिकी सरकार के लिए बड़ी चुनौती कबूलनामे को सबूत से बाहर किए जाने से अभियोजन पक्ष के लिए मुकदमे में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य का इस्तेमाल मुश्किल हो गया है। अब इस मामले की आगे की कानूनी लड़ाई और भी अहम हो गई है। Share This Article Post navigation नेपाल की बाढ़ : मौत को मात…! बस से कूदे, कपल ने 500 सीढ़ियां चढ़कर बचाई जान… नाइजर में तख्तापलट की कोशिश नाकाम…! राजधानी में घंटों चली गोलीबारी…