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रायपुर, 31 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / क्वेटा में ऐतिहासिक श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को गिराए जाने से सिख समुदाय में आक्रोश है।

स्थानीय सिख प्रतिनिधियों का आरोप है कि गुरुद्वारे की इमारत और परिसर को बिना सूचना दिए ध्वस्त कर दिया गया और जमीन को व्यावसायिक परियोजना के लिए निजी कंपनी को सौंपा गया।

हालांकि जमीन की बिक्री और करीब 200 साल पुरानी इमारत होने के दावों से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

गुरुद्वारे की जगह मॉल बनाने का आरोप

बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के आर्चर रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को गिराए जाने की खबर सामने आई है।

स्थानीय सिख समुदाय के मुताबिक, परिसर में पहले धार्मिक स्थल के साथ स्कूल भी संचालित होता था।

बिना सूचना कार्रवाई का आरोप

बलूचिस्तान सिख काउंसिल के प्रतिनिधियों का कहना है कि समुदाय को कार्रवाई से पहले जानकारी या परामर्श नहीं दिया गया।

मामले को लेकर स्थानीय नागरिक संगठनों और अल्पसंख्यक समुदायों ने भी विरोध जताया है।

बलूचिस्तान में अब सिर्फ 2 गुरुद्वारे बचने का दावा

सिख समुदाय के अनुसार, क्वेटा में पहले करीब 12 प्रमुख गुरुद्वारे थे, लेकिन समय के साथ कई पर कब्जे या अन्य विवादों के कारण अब केवल दो प्रमुख गुरुद्वारे बचे हैं। इससे सिख धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत से भी उठी आवाज

एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने घटना की निंदा करते हुए इसे सिख विरासत के लिए गंभीर चिंता बताया है।

उन्होंने भारत के विदेश मंत्रालय से पाकिस्तान सरकार के सामने यह मामला उठाने की मांग की है।

जून में भी 125 साल पुराना गुरुद्वारा ढहाया गया था

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फर्रुखाबाद में 125 साल पुराने गुरुद्वारा सिंह सभा को 24-25 जून की रात कथित तौर पर गिराए जाने की खबर सामने आई थी।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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