Jitendra Mishra, a hero of 'Operation Sindoor' and a top-notch test pilot, has become the first CEO of the Ram Mandir Trust; here is his full profile.Operation Sindoor
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नई दिल्ली, 02 सितंबर।Operation Sindoor : रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान अनुभव रखने वाले मिश्र वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व प्रमुख और ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे हैं।

कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को और अधिक पेशेवर, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्र मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, कानूनी मामलों और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव से आने वाले जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना के बेहद अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 3000 घंटे से अधिक उड़ान भरी और फाइटर कॉम्बैट लीडर के साथ-साथ एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के रूप में भी सेवाएं दीं।

वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख से राम मंदिर ट्रस्ट के CEO तक

जितेंद्र मिश्र ने 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण कमांड में से एक वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभालने के दौरान उन्हें रणनीतिक और परिचालन स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी पड़ीं।

उनके सैन्य करियर में डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस), एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (ASTE) के कमांडेंट, दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग, फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर और चीफ टेस्ट पायलट जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई अहम भूमिका

जितेंद्र मिश्र का नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चर्चा में आया था। मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए इस सैन्य अभियान के दौरान वे वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्होंने अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना की रणनीति और अभियानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर बात की थी।

उनके अनुभव में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और लड़ाकू अभियानों की गहरी समझ शामिल है। सैन्य सेवा के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

NDA से ब्रिटेन तक, शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि

जितेंद्र मिश्र की सैन्य विशेषज्ञता के साथ उनकी शैक्षणिक और प्रशिक्षण पृष्ठभूमि भी बेहद मजबूत रही है। वे नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA), पुणे, एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, बेंगलुरु, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अमेरिका और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, ब्रिटेन के पूर्व छात्र हैं।

उनके पास युद्धक विमान उड़ाने, टेस्टिंग, रणनीतिक योजना और बड़े सैन्य संगठनों के संचालन का लंबा अनुभव है। यही प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता अब राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में उपयोगी साबित हो सकती है।

राम मंदिर के CEO के तौर पर क्या होगी जिम्मेदारी?

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में जितेंद्र मिश्र के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी। वे मंदिर के दैनिक प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कानूनी मामलों से जुड़े कामकाज की निगरानी करेंगे। CEO ट्रस्ट के अधीन रहकर कार्य करेंगे और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

CEO पद के लिए ट्रस्ट को 5500 से अधिक आवेदन प्राप्त होने की बात सामने आई है। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन नामों का पैनल सौंपा, जिसमें से जितेंद्र मिश्र का चयन किया गया। सैन्य क्षेत्र में दशकों का अनुभव, अनुशासन, रणनीतिक नेतृत्व और बड़े स्तर के प्रशासनिक संचालन का उनका अनुभव राम मंदिर ट्रस्ट के लिए इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण बनाता है।


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