Share This Article कोरबा, 05 सितंबर। NTPC Korba : छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित एनटीपीसी बिजलीघर में ब्रेकर की जांच के दौरान आई इलेक्ट्रिकल खराबी से बड़ा तकनीकी व्यवधान पैदा हो गया। खराबी के चलते प्लांट की सभी सातों बिजली उत्पादन इकाइयां एक साथ ट्रिप हो गईं। इससे करीब 2,600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। एनटीपीसी प्रबंधन ने सभी यूनिट को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्रेकर की जांच के दौरान सामने आई इलेक्ट्रिकल खराबी अधिकारियों के मुताबिक, डारी क्षेत्र में स्थित एनटीपीसी संयंत्र में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) के बे के ब्रेकर की जांच की जा रही थी। इसी दौरान इलेक्ट्रिकल सिस्टम में तकनीकी खराबी सामने आई। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के तहत संयंत्र की सभी सातों यूनिट ट्रिप हो गईं। एक-एक कर बहाल की जा रही हैं सभी यूनिट घटना के बाद एनटीपीसी की तकनीकी टीम ने बिजली उत्पादन सामान्य करने के लिए तत्काल काम शुरू किया। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, सभी सात इकाइयों को एक-एक करके दोबारा चालू किया जाएगा। यूनिटों की बहाली की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है और देर रात तक सभी इकाइयों के बहाल होने की उम्मीद जताई गई थी। 2,600 मेगावाट की है एनटीपीसी कोरबा की क्षमता एनटीपीसी कोरबा बिजलीघर की कुल स्थापित क्षमता करीब 2,600 मेगावाट है। संयंत्र में 500-500 मेगावाट की चार यूनिट और 200-200 मेगावाट की तीन यूनिट शामिल हैं। सभी सात यूनिट के एक साथ ट्रिप होने से प्लांट के उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा। बिजली उत्पादन सामान्य करने में जुटी तकनीकी टीम तकनीकी खराबी के बाद एनटीपीसी प्रबंधन का पूरा फोकस उत्पादन व्यवस्था को जल्द सामान्य करने पर है। यूनिटों को तकनीकी जांच के बाद क्रमवार सिंक्रोनाइज कर ग्रिड से जोड़ा जाएगा। सभी इकाइयों के चालू होने के बाद एनटीपीसी कोरबा से बिजली उत्पादन सामान्य स्थिति में लौटने की उम्मीद है। Share This Article Post navigation महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मजबूत कर रही विष्णु भैया की सरकार… रजिस्ट्री में मिल रही 50 प्रतिशत की छूट TS Singh Deo के तीखे बयान… झीरम घाटी फैसले से राम मंदिर विवाद तक, नक्सलवाद और 2028 चुनाव पर भी बोले