Share This Article भोपाल, 05 सितंबर 2026/ MP : मध्यप्रदेश में लगातार बारिश और कुछ इलाकों में बनी बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेंटर पहुंचकर प्रदेशभर की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड और राहत-बचाव दलों को मानसून सक्रिय रहने तक पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संकट की स्थिति में किसी भी नागरिक को अकेला नहीं छोड़ा जाए और प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए। बाढ़ प्रभावितों को तुरंत खाना, कपड़ा और सूखा सामान देने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है, वहां प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। जरूरतमंदों को खाना, कपड़ा और आवश्यक सूखा सामान उपलब्ध कराने के साथ नियमानुसार राहत राशि भी दिलाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। पन्ना से गुना और रीवा तक हालात की ली जानकारी मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से बारिश की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली। पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों पर अधिकारियों से सीधे चर्चा की गई। पन्ना की किलकिला नदी में बाढ़ के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीईआरएफ द्वारा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्यमंत्री ने लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निगरानी भी की। एक महीने में 2,783 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक महीने में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील स्थानों पर पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव दल बिना देरी पहुंचें। अचानक बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। अगले कुछ दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति फिलहाल नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है और पुलिस बल तथा राहत दलों ने पूरी दक्षता के साथ काम किया है। CM की दो टूक—नागरिकों और मवेशियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है। लक्ष्य स्पष्ट है कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रदेशवासियों के जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और प्रभावित लोगों को समय पर हर संभव सहायता मिले। Share This Article Post navigation Madhya Pradesh में शिक्षकों का सम्मान, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान—जरूरतमंद शिक्षकों के लिए ऑफलाइन TET की तैयारी