Share This Article रायपुर, 6 सितंबर 2026/ ETrendingIndia / सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के लिए शिक्षक दिवस गौरव का ऐतिहासिक क्षण रहा। जिले के बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी की शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव को नई दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया। देशभर के चयनित स्कूली शिक्षकों को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, नवाचार और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रदान किया गया। समारोह में चयनित शिक्षकों के अनुकरणीय कार्यों पर लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए गए। खेल-खेल में शिक्षा सुनीता यादव ने सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि साहित्य, तकनीक, रचनात्मकता और अनुभव आधारित गतिविधियों को शिक्षण का माध्यम बनाया। कक्षा के अंतिम पायदान पर रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए और बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के लिए खेल-खेल में शिक्षा तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया। डिजिटल साक्षरता को जोड़ने की पहल शिक्षिका सुनीता यादव बच्चों को कठिन विषयों को सहज ढंग से समझाने के लिए स्वयं और विद्यार्थियों के अभिनय वाली लघु फिल्में तैयार कर उनका उपयोग शिक्षण में करती हैं। इसके साथ ही वे दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट, ब्लॉगिंग और स्मार्ट क्लास जैसी तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर बच्चों के सीखने के अनुभव को अधिक रोचक और प्रभावी बनाती हैं। आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप सुनीता की संवेदनशीलता केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वे अपने व्यय से विद्यार्थियों को नियमित दूध उपलब्ध कराती हैं तथा अधिक से अधिक न्योता भोजन कराने के लिए समुदाय को प्रेरित करती हैं। शिक्षा से वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों तक पहुंच बनाने के लिए उन्होंने बिलासपुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिलकडीह में आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप चलाकर अध्यापन भी किया। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में आए बदलाव और उसके प्रभावों पर शोध पत्र तैयार करने वाली वे जिले की पहली महिला शिक्षिका हैं। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल तैयार करने और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के लिए राखी निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया है। उन्हें वर्ष 2024 में उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि वर्ष 2025 में साहित्य के क्षेत्र में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से नवाजा गया। Share This Article Post navigation TS Singh Deo के तीखे बयान… झीरम घाटी फैसले से राम मंदिर विवाद तक, नक्सलवाद और 2028 चुनाव पर भी बोले कृषि विश्वविद्यालय में 29 एवं 30 सितंबर को होगा “ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव ” का आयोजन