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नई दिल्ली, 07 सितंबर। ECLGS 5.0 : वैश्विक अनिश्चितता और बाहरी आर्थिक झटकों के बीच कारोबारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) 5.0 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार ने 5 मई 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य पात्र कारोबारों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना, रोजगार को सुरक्षित रखना और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना है। योजना को नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) लागू कर रही है और इसके तहत 2.55 लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

किसे मिलेगा ECLGS 5.0 का लाभ?

ECLGS 5.0 के दायरे में MSME, पात्र गैर-MSME कारोबारी उधारकर्ता और अनुसूचित यात्री एयरलाइन कंपनियां शामिल हैं। योजना 31 मार्च 2027 तक या 2.55 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। ऋण सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों, वित्तीय संस्थानों और पात्र NBFC के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

MSME और पात्र गैर-MSME उधारकर्ताओं के लिए 31 मार्च 2026 तक सदस्य ऋणदाता संस्थान के साथ मौजूदा कार्यशील पूंजी सुविधा होना जरूरी है। साथ ही ऋण खाते में 60 दिनों से अधिक का ओवरड्यू नहीं होना चाहिए। सभी क्षेत्रों के MSME इस योजना के दायरे में हैं, जबकि पात्र गैर-MSME के लिए कुछ क्षेत्र बाहर रखे गए हैं।

MSME को 100% और गैर-MSME को 90% गारंटी

ECLGS 5.0 के तहत पात्र MSME को दिए जाने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी उपलब्ध होगी, जबकि पात्र गैर-MSME के लिए गारंटी कवरेज 90 प्रतिशत है। MSME से इस योजना के तहत कोई गारंटी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

पात्र MSME और गैर-MSME को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान उनके अधिकतम फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण मिल सकता है। प्रति उधारकर्ता अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपये है। MSME के लिए ब्याज दर EBLR आधारित और पात्र गैर-MSME के लिए MCLR आधारित होगी। बैंक बेंचमार्क से अधिकतम 0.75 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क ले सकते हैं, लेकिन कुल ब्याज दर 9 प्रतिशत सालाना की सीमा के अधीन होगी। पात्र NBFC द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर 13 प्रतिशत सालाना से अधिक नहीं होगी।

एयरलाइंस को 1,500 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण

ECLGS 5.0 में अनुसूचित यात्री एयरलाइन कंपनियों को भी विशेष राहत दी गई है। पात्र एयरलाइंस के पास 31 मार्च 2026 तक संबंधित सदस्य ऋणदाता संस्थानों से बकाया फंड-आधारित और गैर-फंड-आधारित क्रेडिट सुविधाएं होनी चाहिए। उस तारीख को संबंधित क्रेडिट सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार मानक श्रेणी में होनी चाहिए।

पात्र एयरलाइंस को दिए जाने वाले ऋण पर 90 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी कवरेज उपलब्ध है। योजना के तहत प्रति उधारकर्ता 1,500 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण सहायता मिल सकती है। 1,000 करोड़ रुपये से अधिक और 1,500 करोड़ रुपये तक की राशि के लिए प्रमोटर या मालिकों का आनुपातिक इक्विटी योगदान आवश्यक होगा। एयरलाइंस के लिए ऋण अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें 2 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।

ECLGS 5.0 की अब तक की प्रगति

सरकार के अनुसार, 20 अगस्त 2026 तक ECLGS 5.0 के तहत 6,73,979 गारंटियां जारी की जा चुकी थीं। इनकी कुल गारंटीशुदा राशि 2,50,024 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। जारी की गई कुल गारंटियों की संख्या में MSME की हिस्सेदारी 97.3 प्रतिशत रही, जबकि कुल गारंटीशुदा राशि में MSME की हिस्सेदारी 80.79 प्रतिशत थी।

ECLGS की शुरुआत वर्ष 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कोविड-19 महामारी से प्रभावित कारोबारों को वित्तीय सहायता देने के लिए की गई थी। ECLGS 1.0 से 4.0 तक कुल 3.68 लाख करोड़ रुपये की 1.19 करोड़ गारंटियां जारी की गईं। इन चरणों की अवधि 31 मार्च 2023 को समाप्त हो गई। अब ECLGS 5.0 का उद्देश्य बदलती आर्थिक परिस्थितियों में कारोबारों को संस्थागत ऋण तक आसान पहुंच देकर उनकी वित्तीय क्षमता और व्यावसायिक लचीलापन मजबूत करना है।


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