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रायपुर, 08 सितंबर / ETrendingIndia / नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 09 सितम्बर 2026 से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।

इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना के रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (आरएएन) और रॉयल न्यूजीलैंड नौसेना (आरएनज़ेडएन) के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है।

ऑस्ट्रेलिया यात्रा जुलाई 2026 में आयोजित तीसरे ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन’ और जून 2026 में आयोजित दूसरे ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के संवाद’ के बाद बढ़ते भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी।

दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग सहित रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा किया है।

यात्रा के दौरान, नौसेना प्रमुख रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ रक्षा नेतृत्व से भी मिलेंगे।

इन मुलाकातों से नौसेना के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा करने और ऑपरेशनल बातचीत, इंटरऑपरेबिलिटी, जानकारी साझा करने, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करने का मौका मिलेगा।

इस दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग के दायरे को दर्शाते हुए समुद्री क्षमताओं, उभरती प्रौद्योगिकियों और पेशेवर सैन्य शिक्षा पर चर्चा की जाएगी।

न्यूज़ीलैंड का यह दौरा जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा के बाद भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में आई नई तेज़ी को और आगे बढ़ाएगा।

उस यात्रा के दौरान, भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था और रक्षा व समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की थी।

न्यूजीलैंड में, नौसेना प्रमुख रॉयल न्यूजीलैंड नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करेंगे और न्यूजीलैंड के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे।

नौसेना प्रमुख अहम परिचालन और प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों का भी दौरा करेंगे तथा रॉयल न्यूजीलैंड नौसेना कर्मियों और पेशेवर सैन्य शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिकारियों से बातचीत करेंगे।

यह दौरा ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के साथ भारत के बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग को रेखांकित करता है।

यह सहयोग व्यावहारिक और निरंतर समुद्री जुड़ाव के माध्यम से भारत-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता में योगदान देता है।


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