National Human Rights CommissionNational Human Rights Commission
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रायपुर, 10 सितंबर 2026। ETrendingIndia / राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission—NHRC) ने छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड क्षेत्र में अधूरे पुल के कारण स्कूली बच्चों के जोखिमपूर्ण तरीके से नदी पार करने संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।

आयोग ने इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैनपुर विकासखंड के खंभाठा और आसपास के गांवों के दर्जनों स्कूली बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए अधूरे पुल से जुड़ी संकरी और फिसलन भरी लोहे की सीढ़ी के सहारे पैरी नदी पार करने को मजबूर हैं।

मानसून के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब सामान्यतः उथली रहने वाली नदी तेज बहाव में बदल जाती है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।

इसी को देखते हुए आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

3 सितंबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैनपुर विकासखंड में देहारगुड़ा और खंभाठा के बीच लगभग 300 मीटर लंबे पुल का निर्माण करीब छह वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारियों ने लगभग एक वर्ष पहले ग्रामीणों को छह महीने के भीतर पुल का निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था।

आयोग ने राज्य सरकार से पुल निर्माण में हो रही देरी तथा स्कूली बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों के सामने उत्पन्न जोखिमों से संबंधित स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी है।


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