Share This Article इंदौर, 11 सितंबर 2026। MPYPIL : मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के शुभारंभ सत्र में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का मंगल आरंभ किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को सुगम, सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना है। 25 सितंबर से शुरू होगी प्रदेश की अपनी बस सेवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है और प्रदेश में 15 हजार से अधिक बसें चलाने की संभावनाएं हैं। प्रदेश के नागरिकों के साथ हर साल बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भी बस परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स से प्रदेश के बढ़ते अवसरों में सहभागी बनने की अपील की। CM ने कहा कि सरकार ऐसा उत्कृष्ट सार्वजनिक परिवहन मॉडल तैयार करना चाहती है, जो यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ पूरे देश के लिए उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि दशकों से बंद राज्य परिवहन बस सेवा को नई व्यवस्था के जरिए फिर से गति देने का प्रयास किया जा रहा है। PPP मॉडल पर बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश में सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके तहत निजी बस संचालकों के साथ सहभागी मॉडल पर काम होगा। आधुनिक बस टर्मिनल, डिजिटल ट्रैकिंग, चालकों-परिचालकों की निगरानी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के जरिए बस संचालन, ITMS और परिवहन अधोसंरचना को PPP मॉडल पर एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 55 जिलों का रूट सर्वे पूरा किया जा चुका है। डेटा आधारित करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाने की योजना है। बसों में CCTV, GPS और पैनिक बटन, EV-CNG को प्राथमिकता नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और रियल टाइम निगरानी पर खास जोर दिया जाएगा। प्रस्तावित बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। साथ ही EV और CNG बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से तैयार होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहरों से जोड़ेगा। उनके अनुसार, ई-बसों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में भी बड़ी कमी लाई जा सकती है। Rapido के साथ MoU, भोपाल-इंदौर में शुरू होगा पायलट सार्वजनिक परिवहन को फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशन जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों की जानकारी Rapido के तकनीकी प्लेटफॉर्म से एकीकृत की जाएगी। इस व्यवस्था में महिलाओं द्वारा संचालित Rapido Pink बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा देने की योजना है। शुरुआती चरण में यह एकीकृत मोबिलिटी व्यवस्था भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी। 15 हजार बसों का स्कोप, 2030 तक 75% विकासखंडों को जोड़ने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 15 हजार से अधिक बसों और करीब 5 लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क उपलब्ध है। प्रदेश में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है और प्रदेश में हर साल करोड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। समिट में एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026 का भी शुभारंभ किया गया। यह पहल AI और डेटा आधारित मोबिलिटी, वित्तीय एवं परिचालन स्थिरता, समावेशी परिवहन, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर केंद्रित होगी। वहीं, एका मोबिलिटी द्वारा पीथमपुर में स्थापित किए जा रहे इलेक्ट्रिक बस संयंत्र की वार्षिक क्षमता 5 हजार ई-बस बताई गई। समिट में 2 हजार से अधिक प्रतिनिधियों और 100 प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ मध्यप्रदेश के भविष्य के सार्वजनिक परिवहन सिस्टम पर मंथन किया जा रहा है। Share This Article Post navigation Transport Vision Summit 2026 : इंदौर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026, CM मोहन यादव ने किया इंडस्ट्री एक्सपो का शुभारंभ, EV बसों और नई टेक्नोलॉजी ने खींचा ध्यान