Share This Article भोपाल, 12 सितंबर 2026। MP Agriculture News : मध्य प्रदेश में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर संसाधन और नई कृषि पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान छतरपुर में आयोजित महोत्सव से वर्चुअल रूप से जुड़कर किसानों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अन्नदाता अपनी मेहनत से फसल पैदा करते हैं और उनकी समस्याओं को दूर कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का बड़ा लाभ मिलेगा। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन को नई गति मिलने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड की वीरता और गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए क्षेत्र की पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च कम करने और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की अपील भी की। किसानों ने CM को बताए खेती के नए प्रयोग बलराम कृषि महोत्सव में छतरपुर के प्रगतिशील किसानों ने मुख्यमंत्री से संवाद कर अपने कृषि नवाचारों की जानकारी दी। सलीम खान ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, होलिस्टिक फार्मिंग और औषधीय फसलों के उत्पादन के बारे में बताया। बिजावर के सौरभ भटनागर ने फल-सब्जी उत्पादन के साथ मुर्गी, मछली और बतख पालन को अपनाने की जानकारी दी। जनजातीय समाज की हब्बीबाई ने कोदो, कुटकी, रागी, बाजरा, ज्वार सहित लघु धान्य फसलों के उत्पादन, प्रोसेसिंग और बाजार में बिक्री के बारे में बताया। वहीं अनिल यादव ने कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसानों को कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर समेत 6 कृषि यंत्रों के माध्यम से पिछले वर्ष करीब 5.50 लाख रुपये तक का मुनाफा हुआ। 10 प्रगतिशील किसानों और मेधावी बच्चों का सम्मान कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिले के 10 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले कृषक परिवारों के मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया। महोत्सव के जरिए किसानों को यह संदेश भी दिया गया कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मछली पालन और प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को जोड़कर कृषि आय के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। उन्नत बीज से कृषि यंत्र तक, एक मंच पर मिली जानकारी बलराम कृषि महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने किसानों को रबी फसलों की उन्नत किस्मों, फसल प्रबंधन, नवीन कृषि तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। किसानों को उत्पादन और कृषि आय बढ़ाने के लिए तकनीक अपनाने पर भी मार्गदर्शन दिया गया। विभिन्न विभागों और संस्थाओं ने प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए, जहां उन्नत बीज, कृषि यंत्र, उर्वरक, ई-विकास के माध्यम से उर्वरक वितरण सहित कृषि से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी गई। उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि अभियांत्रिकी विभाग के स्टॉल के साथ निजी कृषि विक्रेताओं ने भी उपयोगी कृषि सामग्री और तकनीकों का प्रदर्शन किया। Share This Article Post navigation MPYPIL : 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 15 हजार से ज्यादा बसों का बनेगा नेटवर्क Ladli Behna Yojana : 13 सितंबर को महिलाओं के खातों में आएगी 40वीं किस्त, CM मोहन यादव करेंगे ₹1,835 करोड़ का ट्रांसफर