Strait of Hormuz: Major agreement between Iran and Oman regarding Hormuz...! Shipping routes to change; US concerns mount.Strait of Hormuz
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मस्कट, 13 सितंबर 2026/ Strait of Hormuz : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच अहम सहमति बनी है। दोनों देशों ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों को लेकर अंतिम सहमति बनाई है। हालांकि, यह समझौता हॉर्मुज जलडमरूमध्य के तत्काल पूरी तरह खुलने का संकेत नहीं है।

ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरेगा नया प्रवेश मार्ग

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जहाजों के प्रवेश का मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में रहेगा। निकास मार्ग का भी बड़ा हिस्सा ईरान के नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरने की बात सामने आई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जहाजों की आवाजाही निर्धारित मार्ग और नियमों के तहत होगी। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका जिस दक्षिणी मार्ग को खुला रखने पर जोर देता रहा है, उसके बंद होने की संभावना है।

क्या हॉर्मुज पूरी तरह खुल जाएगा?

ईरान-ओमान समझौते को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्ण पुनःखुलने के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। ईरानी पक्ष ने स्पष्ट किया है कि नए समुद्री मार्ग पर सहमति और जलडमरूमध्य की पूरी तरह सुरक्षित आवाजाही दो अलग-अलग विषय हैं।

दोनों देशों के बीच हुए समझौते का विस्तृत ब्योरा सोमवार को मस्कट में होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों के सामने रखा जाएगा। बैठक में समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ा घटनाक्रम

हॉर्मुज को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। रणनीतिक जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। इसी बीच क़ेश्म द्वीप के पास एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर हमले की खबर भी सामने आई, जिसमें एक चालक दल के सदस्य की मौत और चार लोगों के घायल होने की सूचना है। हमले के जिम्मेदार पक्ष की तत्काल पहचान नहीं हो सकी।

दुनिया के तेल कारोबार के लिए क्यों अहम है हॉर्मुज?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। यहां लंबे समय तक आवाजाही बाधित होने पर तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति, शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर पड़ सकता है।

यही वजह है कि ईरान-ओमान की नई व्यवस्था पर अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों की नजर बनी हुई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नया समुद्री रूट क्षेत्र में आवाजाही को कितना सुरक्षित और नियमित बना पाता है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति आगे किस दिशा में जाती है।


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