Hormuz Strait News: US and Iran face off again in Hormuz...! IRGC claims it targeted a US drone.
Share This Article

तेहरान, 12 सितंबर 2026/ Hormuz Strait News : होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने एक अमेरिकी चालक-रहित सतही समुद्री वाहन को निशाना बनाया है। ईरान के मुताबिक, ‘सेलड्रोन एक्सप्लोरर’ प्रकार का यह समुद्री वाहन कथित तौर पर एक आक्रामक मिशन पर था और उसे होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास निशाना बनाया गया।

ईरान का दावा- अमेरिकी समुद्री ड्रोन को बनाया निशाना

IRGC के अनुसार, ‘सेलड्रोन एक्सप्लोरर’ का इस्तेमाल पहले क्षेत्र में अमेरिकी पांचवें बेड़े और टास्क फोर्स-59 द्वारा किया जाता था। इन अमेरिकी नौसैनिक इकाइयों का मुख्यालय बहरीन में है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि अब इस तरह के चालक-रहित समुद्री वाहनों का संचालन ओमान के खासाब में तैनात एक अमेरिकी इकाई द्वारा किया जा रहा है।

होर्मुज पर ईरान ने फिर जताया नियंत्रण

IRGC ने एक बार फिर दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसके नियंत्रण में है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी शत्रुतापूर्ण उपस्थिति को निशाना बनाया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय परिवहन होता है। ऐसे में यहां अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए चिंता बढ़ा सकता है।

पहले अमेरिकी चालक-रहित पनडुब्बी को लेकर भी हुआ था विवाद

इससे पहले मंगलवार को IRGC की नौसेना ने दावा किया था कि उसके बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर अमेरिकी सेना की एक आधुनिक चालक-रहित पनडुब्बी को पकड़ लिया है। इसकी पहचान ‘डाइव-एलडी’ के रूप में की गई थी। हालांकि, अमेरिकी सेना ने बाद में कहा था कि क्षेत्रीय समुद्री सर्वेक्षण के दौरान उसका एक पानी के भीतर संचालित चालक-रहित वाहन तकनीकी खराबी का शिकार हो गया था। अमेरिका ने यह स्पष्ट नहीं किया कि संबंधित उपकरण ईरान के कब्जे में गया या नहीं।

ईरान जल्द घोषित कर सकता है ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’

इस बीच, IRGC ने बुधवार को कहा था कि ईरान जल्द ही क्षेत्रीय समुद्री इलाकों में एक ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ घोषित करेगा। ईरान के अनुसार, यदि कोई जहाज उसकी अनुमति या समन्वय के बिना इस क्षेत्र में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी ने कहा कि बिना समन्वय के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों पर प्रतिबंधात्मक कदम लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित जहाज भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा और उसे बंदरगाह, बीमा सहित अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है असर

IRGC के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्र की सटीक सीमाओं की घोषणा बाद में की जाएगी। प्रस्तावित क्षेत्र चाबहार के आसपास से शुरू होकर ओमान की खाड़ी, अरब सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों के कुछ हिस्सों तक फैल सकता है। उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सेना द्वारा एक रात पहले किए गए कथित हमले की भी निंदा की। ईरान ने दावा किया कि हमले में कई ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, हालांकि इस दावे पर अमेरिका की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।

अमेरिका और ईरान की ओर से सामने आए इन दावों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। यदि दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ता है तो इसका असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।


Share This Article