Share This Article रायपुर, 15 सितंबर 2026। ED Investigation : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े पर्चा लीक और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD बताए जा रहे और वर्तमान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी कथित आर्थिक लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही है। जांच में करीब 3.2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन और डिजिटल चैट का जिक्र सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ तेज बलरामपुर से गिरफ्तारी के बाद चेतन बोरघरिया ED की रिमांड पर हैं। एजेंसी उनसे कथित आर्थिक लेन-देन के साथ-साथ CGPSC की चयन प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि कथित तौर पर रकम किस माध्यम से जुटाई गई और उसका चयन प्रक्रिया से क्या संबंध रहा। करीब 12 संदेहियों से ED कर रही पूछताछ ED अब उन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रही है, जिनसे कथित तौर पर रकम चेतन बोरघरिया तक पहुंचने की बात जांच में सामने आई है। बताया जा रहा है कि विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के माध्यम से रकम दिए जाने के आरोपों से जुड़े अभ्यर्थियों समेत करीब 12 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी इनसे दस्तावेजों और कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। 3.2 करोड़ की रकम की कड़ियां तलाश रही एजेंसी जांच में करीब 3.2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को अहम माना जा रहा है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पर्चा उपलब्ध कराने और चयन में मदद के नाम पर कथित तौर पर जुटाई गई रकम में से कितनी राशि बोरघरिया तक पहुंची। इसके अलावा रकम आगे किन लोगों के बीच ट्रांसफर हुई और इन लेन-देन का CGPSC मामले से कथित तौर पर क्या संबंध है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। धमतरी के घर से मिले दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इससे पहले ED ने चेतन बोरघरिया के धमतरी स्थित पैतृक निवास पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी अब जब्त सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा का विश्लेषण कर रही है, ताकि कथित आर्थिक लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बीच संबंधों की जांच की जा सके। 2019 से 2023 तक की डिजिटल बातचीत खंगाली ED ने 2019 से 2023 के बीच आरोपियों और संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल और डिजिटल चैट की भी जांच की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ बातचीत में पैसों के लेन-देन, कथित तौर पर पर्चा उपलब्ध कराने और इंटरव्यू में मदद से जुड़े संकेत मिलने की बात सामने आई है। अब इन्हीं डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी कथित मनी ट्रेल और CGPSC भर्ती मामले के बीच कड़ियां जोड़ने में जुटी है। Share This Article Post navigation CG News : CM साय ने बेमेतरा को दी बड़ी सौगात, 81 सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मानित, गौरव पथ और नए विद्युत सब-स्टेशन का ऐलान