Saudi AramcoSaudi Aramco
Share This Article

 रायपुर, 17 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / सऊदी अरब की तेल कंपनी आरामको ने भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति बंद कर दी है। सूत्रों ने मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरामको ने भारतीय रिफाइनरियों को सूचित किया है कि अपनी अहम पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद अगली सूचना तक वह उन्हें कच्चे तेल की आपूर्ति नहीं कर पाएगा।


रिपोर्ट के मुताबिक, अरामको ने लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों रास्तों से कच्चे तेल का निर्यात रोक दिया है। ईरान युद्ध के चलते होर्मुज से आपूर्ति पहले से ही बाधित थी, जबकि यमन से सटे लाल सागर के लगभग पूरे तट पर हूती विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को अभी सऊदी अरब से अपने कॉन्ट्रैक्ट के तहत तय आपूर्ति नहीं मिल रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी ने कुछ ‘स्पॉट कार्गो’ (तत्काल डिलीवरी वाले तेल के लॉट) ऐसे ट्रेडर्स को बेचे हैं, जिनसे होर्मुज के रास्ते भारतीय रिफाइनरियों को तेल पहुंचाने की उम्मीद है।


माना जा रहा है कि ये ट्रेडर्स भारी छूट पर इराकी कच्चा तेल खरीदकर उसे जलडमरूमध्य से होते हुए ओमान की खाड़ी तक ले जाएंगे फिर वे भारतीय और अन्य ग्राहकों तक तेल पहुंचाने के लिए कार्गो को एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर करेंगे।


सऊदी के बजाय दूसरी जगहों से तेल खरीदने पर रिफाइनरों को तेल और ढुलाई के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। टैंकरों का किराया पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाई के नजदीक है, जिससे लागत बढ़ रही है।


रूसी कच्चे तेल पर मिलने वाली छूट भी कम हो गई है या लगभग खत्म हो गई है, जो पहले कीमतों के लिहाज से अहम वैकल्पिक स्रोत था।
ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई हैं।


ये कदम ऐसे वक्त सामने आया है, जब हूती विद्रोहियों ने अप्रत्याशित तेजी से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के सटे इलाकों पर कब्जा कर लिया है। होर्मुज बंद होने के बाद ये एक वैकल्पिक रास्ते के तौर पर उभरा था।


हूतियों ने पिछले हफ्ते पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला किया था। सऊदी के लिए इस पाइपलाइन का बेहद महत्व है, क्योंकि होर्मुज बंद होने के बाद सऊदी इसी पाइपलाइन से रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था।


Share This Article