Share This Article रायपुर, 24 सितंबर 2026। PMMVY : किसी भी राज्य की प्रगति की मजबूत नींव उसके स्वस्थ और सक्षम नागरिकों से तैयार होती है। इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी सेवाएं, बिहान और महतारी वंदन योजना जैसी पहलों के जरिए मातृत्व से लेकर बाल्यावस्था तक पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। गर्भावस्था में आर्थिक सहायता से पोषण को सहारा गर्भावस्था के दौरान महिला के लिए संतुलित आहार और पर्याप्त पोषण बेहद महत्वपूर्ण होता है। अंबिकापुर की अन्नू तिवारी का अनुभव बताता है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता किस तरह परिवार को पोषण संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने में मदद कर सकती है। पहली बार गर्भवती होने पर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से योजना की जानकारी मिली और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद चरणबद्ध रूप से राशि प्राप्त हुई। इस सहयोग का उपयोग उन्होंने खान-पान और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया। महिला का स्वास्थ्य केवल उसके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता। स्वस्थ महिला परिवार की बेहतर देखभाल के साथ बच्चों के पोषण और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं आर्थिक अवसर और सहायता मिलने से महिलाओं की सामाजिक एवं पारिवारिक भागीदारी को भी मजबूती मिलती है। लक्ष्मी ने पोषण को बनाया सेवा और आजीविका का माध्यम ग्राम खैरबार की लक्ष्मी यादव की कहानी महिला सशक्तिकरण और पोषण के जुड़ाव को सामने लाती है। बिहान के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें ‘पोषण सखी’ के रूप में काम करने का अवसर मिला। अब वे गांव की गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और बच्चों को पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं। लक्ष्मी घर-घर जाकर संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देती हैं। आजीविका से जुड़ने के साथ महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी उनके परिवार के लिए अतिरिक्त संबल बन रही है। यह उदाहरण बताता है कि जब महिलाओं को अवसर और जिम्मेदारी मिलती है तो वे अपने परिवार के साथ पूरे समुदाय में भी सकारात्मक बदलाव की भागीदार बन सकती हैं। आंगनबाड़ी में पोषण के साथ बच्चों को मिल रहा सीखने का माहौल बच्चों के पोषण और शुरुआती विकास में आंगनबाड़ी केंद्रों की अहम भूमिका है। उदयपुर विकासखंड के सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र में भी सुविधाओं में बदलाव किया गया है। पहले किराए के जर्जर भवन में संचालित केंद्र अब नवनिर्मित भवन में चल रहा है, जहां हॉल, रसोई, स्टोर, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा के साथ पोषण संबंधी सेवाएं मिल रही हैं। गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को भी स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए पोषण के साथ सुरक्षित भवन, स्वच्छता, पेयजल और प्रारंभिक शिक्षा का वातावरण भी जरूरी है। आज का सुपोषित बच्चा, कल का सक्षम नागरिक जीवन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाला पर्याप्त पोषण बच्चे के शारीरिक विकास और सीखने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण होता है। स्वस्थ बच्चा शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में बेहतर तरीके से भाग ले सकता है। इसी वजह से शुरुआती उम्र में स्वास्थ्य और पोषण पर किया गया प्रयास भविष्य की पीढ़ी में निवेश के रूप में देखा जा सकता है। महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य केवल तत्काल सहायता तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृत्व के दौरान आर्थिक सहयोग देती है, आंगनबाड़ी सेवाएं पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का आधार बनती हैं, बिहान महिलाओं को समूह और आजीविका से जोड़ता है, जबकि महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल प्रदान करती है। सुपोषित महिला, स्वस्थ बच्चा और सक्षम युवा की यह श्रृंखला आगे चलकर राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देने वाली मानवीय पूंजी तैयार करने में भूमिका निभा सकती है। Share This Article Post navigation Semarha Reservoir की सफाई में जुटे ग्रामीण, जल संरक्षण को लेकर लिया बड़ा संकल्प CG Kawardha Development : कवर्धा में 54 करोड़ की 4 लेन सड़क का भूमिपूजन, दोनों छोर पर बनेंगे भव्य प्रवेश द्वार, NH-30 पर 7.8 किलोमीटर सड़क का होगा फोरलेन विकास