Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / रूस भूकंप से सुनामी , रूस के कमचटका में भूकंप से दहशत रूस के सुदूरवर्ती कमचटका प्रायद्वीप में बुधवार को 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया।इससे 5 मीटर ऊंची सुनामी लहरें उठीं। परिणामस्वरूप हवाई, जापान और पूरे प्रशांत क्षेत्र में खतरे की घंटी बज गई।रूस भूकंप से सुनामी की यह घटना दशकों में सबसे शक्तिशाली बताई जा रही है। हवाई और जापान में अलर्ट, जनजीवन प्रभावित इसके बाद हवाई में लगभग 1.7 मीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं।हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, फिर भी लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी गई।जापान के होक्काइडो समेत कई तटीय शहरों में लोगों को ऊंची इमारतों की चौथी मंजिल या उससे ऊपर भेजा गया।रूस भूकंप सुनामी के चलते टोक्यो, मियागी और फुकुशिमा में भी अस्थायी निकासी हुई। कमचटका में तबाही और राहत कार्य कमचटका क्षेत्र में भवनों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हुए।सेवेरो-कुरील्स्क शहर में बंदरगाह व मछली प्रोसेसिंग यूनिट आंशिक रूप से जलमग्न हो गए।ड्रोन फुटेज में देखा गया कि पूरा समुद्र तट डूब चुका था और पानी इमारतों के चारों ओर फैल गया था।स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह रूस भूकंप से सुनामी का अब तक का सबसे भयावह रूप था। प्रशांत क्षेत्र में चेतावनी और राहत उपाय अमेरिका, कनाडा, चिली और सोलोमन द्वीप जैसे कई देशों में भी सुनामी की चेतावनी दी गई।प्रभावित क्षेत्रों में उड़ानों को रोका गया, नौकाओं को समुद्र से बाहर लाया गया और कारखाने बंद किए गए।जापान में एक महिला की मौत उस समय हुई जब उसकी कार निकासी के दौरान खाई में गिर गई।हालांकि, प्रमुख परमाणु संयंत्रों में कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ। निष्कर्षतः: रूस भूकंप से सुनामी की यह घटना न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक चेतावनी है।प्रशांत रिंग ऑफ फायर जैसे भूकंपीय क्षेत्रों में सतर्कता और तैयारियों की अत्यधिक आवश्यकता है।इस बार बड़े नुकसान से बचा जा सका, लेकिन खतरा अब भी पूरी तरह टला नहीं है। Share This Article Post navigation भारत पर अमेरिका लगाएगा 25% टैरिफ, ट्रंप बोले- रूस से करीबी की मिलेगी सज़ा भारत की सख्त प्रतिक्रिया: अमेरिका के व्यापार बयान पर कहा- राष्ट्रीय हित सर्वोपरि