Share This Article रायपुर, 24 सितंबर 2026। ETrendingIndia/ चीन से आयात होने वाले डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अवधि बढ़ाते हुए भारत सरकार ने घरेलू उद्योग को राहत दी है। वित्त मंत्रालय ने इस शुल्क को 26 मार्च 2027 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, ताकि सस्ते आयात के कारण स्थानीय बाजार में पैदा होने वाले दबाव और रोजगार पर पडऩे वाले असर को कम किया जा सके। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह एंटी-डंपिंग ड्यूटी पहले 26 दिसंबर 2026 तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अब इसकी अवधि बढ़ाकर 26 मार्च 2027 तक कर दी गई है। गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में राजस्व विभाग ने चीन से आयात होने वाले डेकोर पेपर पर 110 डॉलर प्रति टन से 542 डॉलर प्रति टन तक की एंटी-डंपिंग ड्यूटी 5 वर्षों के लिए लगाई थी। नई अधिसूचना में कहा गया है कि चीन से आयात या निर्यात किए जाने वाले डेकोर पेपर पर लागू एंटी-डंपिंग शुल्क को मार्च 2027 तक बढ़ाया जा रहा है। यह फैसला वाणिज्य मंत्रालय के महानिदेशालय व्यापार उपचार (डीजीटीआर) की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि अत्यधिक सस्ते आयात से घरेलू उत्पादकों को नुकसान होता है, क्योंकि इससे स्थानीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ता है और घरेलू उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होती है। एक अलग अधिसूचना में वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईरान, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आयात होने वाले कैल्साइंड जिप्सम पाउडर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को भी 16 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया है। कैल्साइंड जिप्सम पाउडर को आमतौर पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) कहा जाता है और इसका उपयोग निर्माण, फार्मास्युटिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। इसके अलावा, सरकार ने चीन से आयात होने वाले नेचुरल माइका बेस्ड पर्ल इंडस्ट्रियल पिगमेंट्स पर भी एंटी-डंपिंग ड्यूटी को अगले वर्ष 25 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है। एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक व्यापारिक सुरक्षा उपाय है, जिसे तब लागू किया जाता है जब किसी उत्पाद को घरेलू बाजार में उसकी सामान्य कीमत से कम मूल्य पर बेचा जाता है और इससे स्थानीय उद्योग को नुकसान पहुंचने की आशंका होती है। इसका उद्देश्य आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि अनुचित मूल्य निर्धारण के प्रभाव को संतुलित करना होता है। डेकोर पेपर का उपयोग मुख्य रूप से फर्नीचर और इंटीरियर डेकोरेशन उद्योग में किया जाता है। इसका इस्तेमाल सजावटी लैमिनेट्स, फर्नीचर, कैबिनेट, फ्लोरिंग और अन्य आंतरिक सजावट उत्पादों में व्यापक रूप से होता है। Share This Article Post navigation शेयर बाजार में भूचाल : सेंसेक्स 1,248 अंक टूटा, निफ्टी 5 महीने के निचले स्तर पर…