Share This Article भोपाल, 23 सितंबर 2026। MP Development News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित ‘विकसित भारत- बढ़ता मध्यप्रदेश’ कॉन्क्लेव में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार की योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और प्रदेश की विकास दर दो अंकों में पहुंच गई है। उन्होंने निवेश बढ़ने और रोजगार के अवसर तैयार होने की बात भी कही। CM मोहन यादव बोले- विकास दर टू-डिजिट, निवेश का बढ़ा रफ्तार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे हैं और औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेश बढ़ने से अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण, जरूरी सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि प्रदेश के आर्थिक बदलाव का प्रमुख हिस्सा बन रही है। मोहन यादव ने बताया प्रति व्यक्ति आय का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 11 हजार रुपये थी, जो बाद के वर्षों में बढ़कर 1.40 लाख रुपये और वर्तमान में उनके बताए अनुसार 1.57 लाख रुपये तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल में वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय को 22.50 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ नीतियां तैयार कर रही है और विकास के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। 30 लाख करोड़ के निवेश में 11 लाख करोड़ धरातल पर आने का दावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आए करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से अब तक 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए 25 निवेश-अनुकूल नीतियां और पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार औद्योगिक निवेश को रोजगार से जोड़ने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई सेक्टर से करीब 1.20 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने की बात कही और युवाओं को रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। केन-बेतवा, PKC और नक्सलवाद पर CM ने गिनाईं उपलब्धियां मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के संबंधित जिलों को पानी मिलेगा, जबकि पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से राजस्थान और मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने पानी को प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण जरूरत बताते हुए नदी जोड़ो अभियान को आने वाले वर्षों की प्राथमिकता बताया। नक्सलवाद को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस चुनौती पर नियंत्रण पाने के बाद उन क्षेत्रों में विकास गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं, जहां पहले पहुंच मुश्किल थी। उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम करने की जरूरत है। उज्जैन में बढ़ते तीर्थाटन से लेकर नई बस सेवा तक मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को मध्यप्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमहाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। उनके अनुसार वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 लाख श्रद्धालु आते थे, जबकि पिछले साल यह संख्या करीब 8 करोड़ रही और इस वर्ष 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 2028 के सिंहस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उज्जैन की कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू की जाएगी। इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहन देने के लिए पंजीयन में छूट की बात भी कही। Share This Article Post navigation Mansarovar Global University : राज्यपाल मंगुभाई पटेल का विद्यार्थियों को संदेश- दीक्षांत शपथ का आजीवन करें पालन, अनूप जलोटा और रजत पाटीदार को मानद उपाधि MP Crop Diversification : सीधी के किसानों को CM मोहन यादव की बड़ी सलाह, नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाकर बढ़ाएं आमदनी