IRDAI Commission CapIRDAI Commission Cap
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मुंबई, 25 सितंबर 2026 । IRDAI Commission Cap : भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) की ओर से बीमा वितरण में कमीशन और खर्च की सीमा को लेकर प्रस्तावित बदलाव के बाद गुरुवार को बीमा क्षेत्र से जुड़े शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। PB Fintech और Turtlemint जैसे बीमा वितरण प्लेटफॉर्म के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई, जबकि HDFC Life और ICICI Prudential Life Insurance भी दबाव में रहे।

कमीशन सीमा के प्रस्ताव से बाजार में हलचल

IRDAI ने 23 सितंबर को ‘Recalibrating Economics of Insurance Distribution’ नाम से कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें बीमा उत्पादों और वितरण चैनल के आधार पर कमीशन की अलग-अलग अधिकतम सीमाएं तय करने का प्रस्ताव है। नियामक का कहना है कि वितरण व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे ग्राहकों को लंबी अवधि के प्रीमियम भुगतान वाले प्लान जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिले, न कि केवल पहले साल की बिक्री पर जोर रहे।

10 साल या उससे अधिक की पॉलिसी पर प्रस्तावित सीमा

व्यक्तिगत नॉन-लिंक्ड और लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों में प्रीमियम पेमेंट टर्म के आधार पर कमीशन सीमा प्रस्तावित की गई है। 10 साल या उससे अधिक के प्रीमियम भुगतान वाले प्लान में पहले साल का कमीशन वितरण संस्थाओं के लिए 20 प्रतिशत और एजेंटों के लिए 25 प्रतिशत तक रखने का प्रस्ताव है। छोटी अवधि के प्रीमियम भुगतान वाले उत्पादों के लिए प्रस्तावित सीमा इससे कम रखी गई है।

सिंगल प्रीमियम और अन्य उत्पादों पर भी असर

प्रस्ताव में सिंगल प्रीमियम वाले उत्पादों के लिए भी अलग कमीशन सीमा रखी गई है। इसके अलावा IRDAI ने कमीशन में इंसेंटिव, अवॉर्ड, बिक्री खर्च की भरपाई और गैर-नकद लाभ जैसी मदों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने बीमा कंपनियों के Expenses of Management यानी EoM की सीमा में भी चरणबद्ध बदलाव प्रस्तावित किए हैं।

PB Fintech और Turtlemint के शेयरों में बड़ी गिरावट

प्रस्ताव के बाद बीमा वितरण कंपनियों के शेयरों पर खास दबाव दिखा। Business Standard के अनुसार 24 सितंबर को PB Fintech के शेयर करीब 36 प्रतिशत और Turtlemint के शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गए। अन्य बीमा-संबंधित शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।

प्रस्ताव पर 25 अक्टूबर तक मांगी गई राय

IRDAI का यह फैसला अभी अंतिम नियम नहीं है। नियामक ने कंसल्टेशन पेपर पर हितधारकों से टिप्पणियां मांगी हैं और प्रतिक्रिया देने की समयसीमा 25 अक्टूबर बताई गई है। प्रस्तावित व्यवस्था में कमीशन के अलावा बीमा वितरण की लागत, पारदर्शिता और मिस-सेलिंग से जुड़े उपायों में भी बदलाव शामिल हैं।


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