Surguja Literacy MissionSurguja Literacy Mission
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रायपुर, 27 सितंबर 2026। Surguja Literacy Mission : पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सरगुजा जिले में रविवार को आयोजित राज्यव्यापी महापरीक्षा में नवसाक्षरों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले के 247 परीक्षा केंद्रों में 4198 नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। निर्धारित 4306 परीक्षार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले यह सहभागिता 97 प्रतिशत से अधिक रही।

सास-बहू से लेकर पति-पत्नी ने साथ दी परीक्षा

महापरीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर सास-बहू, पति-पत्नी और देवरानी-जेठानी एक साथ परीक्षा देने पहुंचे। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और दिव्यांगजनों ने भी उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचीं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह आयोजन सीखने के उत्सव जैसा नजर आया।

केंद्रीय जेल में 96 नवसाक्षर बंदी शामिल

उल्लास कार्यक्रम के तहत केंद्रीय जेल अम्बिकापुर में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां 35 महिला और 61 पुरुष बंदियों समेत कुल 96 नवसाक्षर बंदियों ने महापरीक्षा दी। अधिकारियों के अनुसार जेल में भी नवसाक्षरों को साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से परीक्षा में शामिल कराया गया।

15 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षार्थियों को मिला अवसर

जिला परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता के अनुसार महापरीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे शिक्षार्थियों को शामिल किया गया, जो शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित रह गए थे या प्रारंभिक स्तर पर ही स्कूल छोड़ चुके थे। साक्षरता कक्षाओं में ‘उल्लास प्रवेशिका’ के सात पाठ अथवा 200 घंटे की पढ़ाई पूरी करने वाले नवसाक्षरों ने भी परीक्षा में हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

महापरीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर मॉनिटरिंग की गई। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय अधिकारियों के दल ने केंद्रीय जेल अम्बिकापुर सहित कोटेया, टपरकेला और मैनपाट विकासखंड के अवराडांड स्थित उल्लास परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर का भी अवलोकन किया और परीक्षा में शामिल नवसाक्षरों का उत्साह बढ़ाया।


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