Share This Article रायपुर, 29 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की अनिवार्यता से बचाने के लिए टाटा ट्रस्ट्स ने पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (TESS) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) का टाटा संस में विलय किया जाएगा। परिचालन कारोबार बढ़ाने की योजना टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार, विलय के बाद टाटा संस का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 के आधार पर 1,05,043 करोड़ रुपये हो जाएगा। यह वित्तीय परिसंपत्तियों से होने वाली 40,072 करोड़ रुपये की आय से काफी अधिक है। इससे कंपनी की मुख्य आय परिचालन कारोबार से होगी और वह NBFC की परिभाषा में नहीं आएगी। कोर निवेश कंपनी का दर्जा भी खत्म होगा प्रस्तावित पुनर्गठन के बाद कंपनी की कुल परिसंपत्तियां करीब 2,00,158 करोड़ रुपये होंगी, जबकि समूह की कंपनियों में निवेश 1,77,120 करोड़ रुपये रहेगा। यह CIC के लिए निर्धारित 90 प्रतिशत सीमा से कम होगा। ऐसे में टाटा संस कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) भी नहीं रहेगी। RBI की मंजूरी जरूरी टाटा संस ने पहले CIC के रूप में अपना पंजीकरण रद्द करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में आवेदन किया था। हालांकि, RBI ने उसे देश की प्रमुख NBFC की सूची में फिर शामिल किया है। ऐसे में टाटा संस के लिए शेयर बाजार में सूचीबद्धता का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ट्रस्ट्स ने कंपनी के निदेशक मंडल से प्रस्ताव पर विचार कर आवश्यक कदम उठाने को कहा है। प्रस्ताव लागू करने के लिए RBI की अग्रिम मंजूरी भी जरूरी होगी। ट्रस्ट्स ने कहा है कि वह टाटा संस के साथ मिलकर पुनर्गठन के सभी पहलुओं पर RBI से बातचीत करेगा। Share This Article Post navigation नाल्को ने केंद्र को दिया रिकॉर्ड ₹1,083 करोड़ का लाभांश अगस्त में औद्योगिक उत्पादन 8% बढ़ा, विनिर्माण और बिजली क्षेत्र का रहा प्रमुख योगदान