Share This Article रायपुर, 29 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / भारत के औद्योगिक उत्पादन में अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो जुलाई में दर्ज 6.7 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि में विनिर्माण और बिजली उत्पादन का प्रमुख योगदान रहा। अगस्त में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 123.3 के स्तर पर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 114.2 था। अगस्त के आंकड़े त्वरित अनुमान हैं और आगामी रिलीज में इनमें संशोधन किया जा सकता है। IIP में सबसे अधिक भार रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र में अगस्त में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र ने लगातार तीन महीनों में 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज की है। बिजली और गैस आपूर्ति में महीने के दौरान 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, खनन और उत्खनन क्षेत्र में अगस्त में 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई। विनिर्माण क्षेत्र के भीतर 23 दो-अंकीय उद्योग समूहों में से 18 ने अगस्त 2025 में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। प्रमुख योगदान देने वाले उद्योग समूहों में इलेक्ट्रिकल उपकरणों के विनिर्माण में सबसे अधिक 30.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद अन्य परिवहन उपकरणों में 25.3 प्रतिशत और मोटर वाहन, ट्रेलर तथा सेमी-ट्रेलर के विनिर्माण में 25.2 प्रतिशत की वृद्धि रही। मोटर वाहन क्षेत्र को ऑटो कंपोनेंट्स, स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज, यात्री कारों तथा कमर्शियल वाहनों से समर्थन मिला। वहीं, इलेक्ट्रिकल उपकरणों की वृद्धि इलेक्ट्रिकल सर्किट को स्विच या सुरक्षित करने वाले उपकरणों, ऑप्टिकल फाइबर और केबल कनेक्टर्स, UPS तथा सॉलिड-स्टेट ड्राइव्स से प्रेरित रही। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के तहत अगस्त में कैपिटल गुड्स में 16.9 प्रतिशत, जबकि इंटरमीडिएट गुड्स में 13.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 11.1 प्रतिशत और इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कंस्ट्रक्शन गुड्स में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्राइमरी गुड्स में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स में अपेक्षाकृत मामूली 2.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मंत्रालय ने कहा कि अगस्त के त्वरित अनुमान 88 प्रतिशत भारित प्रतिक्रिया दर के आधार पर तैयार किए गए हैं, जबकि जुलाई के अंतिम संशोधित आंकड़े 93.4 प्रतिशत प्रतिक्रिया दर पर आधारित थे। Share This Article Post navigation टाटा संस के पुनर्गठन का प्रस्ताव… NBFC और CIC का दर्जा खत्म करने की तैयारी खाली जमीन पर बायोफ्लॉक से मछली पालन…! विप्लब ने बनाई स्वरोजगार की राह