Share This Article रायपुर, 29 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / नेपाल में पिछले दिनों भोटेकोशी और त्रिशुली नदी में आई बाढ़ का दुख अभी खत्म नहीं हुआ था, पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी देश में हो रही बारिश ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से पिछले कुछ दिनों में 21 लोगों की मौत हो गई है। लगातार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर भी खतरनाक स्तर पर है। अधिकारियों ने बारिश के दौरान सतर्क रहने का आग्रह किया है। शनिवार रात पालपा जिले के मथागढ़ी ग्रामीण नगरपालिका में भूस्खलन से एक घर मलबे में दब गया, जिससे 5 लोगों की मौत हो गई। सभी शव रविवार सुबह बरामद किए गए। इसके अलावा, पिछले 4 दिनों में बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरने और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 16 मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 21 हुई है। नेपाल में पिछले 5 दिनों में मानसून से संबंधित 439 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 1,284 लोगों को बचाया गया।रिपोर्ट के मुताबिक, लुम्बिनी प्रांत के रूपन्देही जिले में, तिनाऊ नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया और शनिवार रात को बुटवल में 6 घरों को बहा दिया। चितवन जिले में नारायणी नदी और रीयू नदी रविवार तड़के खतरे के निशान से ऊपर बह गईं।देवघाट पर नारायणी नदी का जलस्तर 9.23 मीटर (खतरे का निशान 9 मीटर) तक पहुंच गया, जबकि रीयू नदी का जलस्तर 3.92 मीटर (खतरे का निशान 3.8 मीटर) होग या। नेपाल और तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1,453 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,000 से अधिक लोग लापता हैं। बचाव दल ने 10,000 से अधिक लोगों को बचाया है। नेपाल में बाढ़ से नुकसान का आंकड़ा 48,000 करोड़ रुपये से अधिक है।नेपाली अधिकारियों ने बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से बारिश जारी रहने के दौरान सतर्क रहने का आग्रह किया है। Share This Article Post navigation अमेरिका-चीन में 60 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क घटाने की रूपरेखा, ‘30-फॉर-30’ समझौता ट्रंप की ईरान को फिर धमकी, बोले-जल्द जीतेंगे युद्ध, गिरेंगी तेल की कीमतें