Share This Article रायपुर, 30 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, नवाचार और स्टार्टअप्स विकसित छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार बनेंगे। राज्य सरकार युवाओं के नए विचारों को नवाचार और नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, अधोसंरचना और अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में विद्यार्थियों, युवा नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद कर रहे थे। स्टार्टअप और निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए अवसर दे रही हैं। उन्होंने युवाओं से छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति-2024 का अध्ययन कर उसमें उपलब्ध प्रोत्साहनों का लाभ उठाने को कहा। नीति में महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के साथ स्थानीय स्तर पर अधिक रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के बाद 8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कई परियोजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम भी शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारंपरिक उद्योगों के साथ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से प्रदेश की देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच मजबूत हो रही है। 2047 तक 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा। इसमें युवा, किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, शोधार्थी और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। नई पीढ़ी को विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में आगे आना होगा। कृषि और वन संपदा में स्टार्टअप के बड़े अवसर किसान परिवार से अपने संबंधों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खेती-किसानी और पशुपालन से जुड़े रहे हैं और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को करीब से समझते हैं। उनके अनुसार छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में आधुनिक तकनीक को खेती से जोड़कर युवाओं के लिए बड़ी संख्या में नए उद्यम विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इमली, महुआ, सीताफल, औषधीय पौधों और अन्य वनोपज के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए बस्तर समेत वन क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए नए व्यवसाय खड़े किए जा सकते हैं। सुगंधित चावल के निर्यात से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी विशिष्ट धान किस्में हैं। जरूरत केवल उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की है। ‘आइडिया से एंटरप्राइज’ तक मदद देगा बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने बायोसेफ्टी लेवल लैब, एनिमल कल्चर लैब, माइक्रोबियल सेल और प्लांट टिश्यू कल्चर लैब समेत आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। केंद्र में स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन स्पेस, ड्राई एवं वेट लैब, प्लग एंड प्ले ऑफिस, कॉमन इंस्ट्रूमेंटेशन लैब और एनालिटिकल टेस्टिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां मेंटरिंग, तकनीक हस्तांतरण, उत्पाद विकास, संस्थागत सहयोग, डिसर्टेशन और इंटर्नशिप जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। एग्रीटेक से एआई और डीप-टेक तक स्टार्टअप का प्रदर्शनतीन दिवसीय कॉन्क्लेव में एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े स्टार्टअप अपने उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया है। Share This Article Post navigation राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सरगुजा संभाग के 25 प्रकरणों की सुनवाई की…छह प्रकरण नस्तीबद्ध, प्रताड़ना से जुड़े मामलों में जांच के निर्देश ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार : 12 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित…