Share This Article रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के परिवहन और माल-परिवहन क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दी है। यह प्राधिकरण परिवहन और माल-परिवहन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय के लिए राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष निकाय के रूप में काम करेगा। आईटीएलए का प्रमुख दायित्व दीर्घकालिक और समन्वित परिवहन व्यवस्था विकसित करना होगा। इसके तहत प्राधिकरण 10 वर्ष या उससे अधिक की अवधि को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगा। इससे देश में परिवहन अवसंरचना के विकास, विभिन्न परिवहन माध्यमों के बेहतर एकीकरण और परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। आईटीएलए 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली परिवहन परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा। प्राधिकरण इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने के साथ-साथ परियोजना पूरी होने के बाद उसके प्रभाव का भी आकलन करेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़ी परिवहन परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना तथा संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है। परियोजनाओं के तकनीकी मूल्यांकन और उनके प्रभाव के आकलन से भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। प्राधिकरण के तहत एकीकृत परिवहन आंकड़ा भंडार भी तैयार किया जाएगा। इसमें फास्टैग, वाहन और वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) आधारित प्रणालियों सहित विभिन्न डिजिटल स्रोतों से प्राप्त जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। इस आंकड़ा भंडार के माध्यम से देश में परिवहन से संबंधित जानकारी को एक ही व्यवस्था में उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे यातायात के रुझानों, परिवहन मांग, माल ढुलाई और परियोजनाओं की योजना बनाने में आंकड़ों के बेहतर इस्तेमाल की संभावना बढ़ेगी। सरकार का यह कदम देश के परिवहन और माल-परिवहन क्षेत्र को अधिक समन्वित, आंकड़ा आधारित और दीर्घकालिक दृष्टि से विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Share This Article Post navigation विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस: चुनौतियों के बीच संभावनाओं को पंख देने की जरूरत