Share This Article रायपुर, 7 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर का 14वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने जीनोमिक विज्ञान, नवाचार और किसान-केंद्रित अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस दौरान वैज्ञानिक उपलब्धियों को साझा करने के साथ किसानों को जैविक कीट नियंत्रण के लिए ट्राइकोग्रामा कार्ड भी वितरित किए गए। जीनोमिक विज्ञान से रोग प्रतिरोधी फसलों की उम्मीद मुख्य अतिथि एवं ICAR के पूर्व उप महानिदेशक डॉ. टी. आर. शर्मा ने ‘जीनोमिक साइंस एंड जीन डिस्कवरी’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने चावल में ब्लास्ट रोग से जुड़े Pi54 जीन की खोज और उपयोग का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक जीनोमिक तकनीकें रोग प्रतिरोधी, अधिक उत्पादक और जलवायु-सहिष्णु फसलों के विकास में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ गिरीश चन्देल, एमिटी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रो पीयूष कांत पाण्डेय, मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ के पी यादव भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे. किसान-केंद्रित अनुसंधान पर फोकस निदेशक डॉ. पी. के. राय ने संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कीट, रोग और खरपतवार जैसी समस्याओं के समाधान के लिए अनुसंधान को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम के शुभारंभ में संयुक्त निदेशक डॉ अनिल दीक्षित नेसंस्थान की अब तक की गतिविधियों और उपलब्धियों के साथ जैविक स्ट्रेस प्रबंधन की बढ़ती भूमिका पर विचार रखे. वैज्ञानिक प्रकाशनों का विमोचन समारोह में प्राकृतिक खेती, आक्रामक कीट एवं रोग तथा कृषि संबंधी विभिन्न व्यावहारिक मैनुअल का विमोचन किया गया। इनसे किसानों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को उपयोगी तकनीकी जानकारी उपलब्ध होगी। उत्कृष्ट वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों का सम्मान श्रेष्ठ वैज्ञानिक पुरस्कार डॉ. पी. मोवेंथन को और श्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार डॉ. एस. के. शर्मा एवं टीम को दिया गया। श्रेष्ठ कार्यकर्ता पुरस्कार जाकिर हुसैन खिलजी, श्रेष्ठ PG विद्यार्थी पुरस्कार सौरभ और श्रेष्ठ UG विद्यार्थी पुरस्कार श्रेया को मिला। किसानों को बांटे ट्राइकोग्रामा कार्ड किसान-वैज्ञानिक संवाद में किसानों ने अपनी फसल संबंधी समस्याएं वैज्ञानिकों के सामने रखीं। विशेषज्ञों ने जैविक स्ट्रेस और कीट-रोग प्रबंधन के उपाय बताए। सब्जी फसलों में कीट नियंत्रण के लिए ट्राइकोग्रामा कार्ड वितरित किए गए, जिससे रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। समारोह ने वैज्ञानिक नवाचार को खेतों तक पहुंचाने और टिकाऊ, उत्पादक तथा जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देने के प्रति ICAR-NIBSM की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। Share This Article Post navigation LAND USE RULES: छत्तीसगढ़ में 1984 के Land Use Rules बदले…! अब आम आदमी के लिए जमीन इस्तेमाल के नियम आसान; राजपत्र में भी हुआ प्रकाशन महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त कल, 67.38 लाख महिलाओं के खातों में आएंगे ₹632 करोड़