Share This Article रायपुर, 08 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने देश के दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हुए हैं। हमलों में हवाई अड्डों की कई सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि हमले अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए। अधिकारियों के अनुसार, अभा हवाई अड्डे पर मिस्र और अल्जीरिया के एक-एक नागरिक की मौत हुई, जबकि किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सूडान के एक नागरिक की जान गई। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। इसके अलावा उन्होंने यमन की अंतरिम राजधानी अदन में हवाई अड्डे के निकट एक सैन्य आपूर्ति काफिले को निशाना बनाने का भी दावा किया।हमलों के बाद दोनों हवाई अड्डों पर मौजूद कई लोग घायल हुए। अधिकारियों के मुताबिक, कुल 36 लोग घायल हुए हैं। हमलों के कारण हवाई अड्डों की कुछ सुविधाओं को नुकसान पहुंचा और परिचालन भी प्रभावित हुआ। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले के जवाब में कार्रवाई करने की बात कही है। गठबंधन का दावा है कि उसने रियाद पर हमले में इस्तेमाल किए गए बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण मंच को नष्ट कर दिया है। गठबंधन ने हमलों के लिए सीधे तौर पर हूती बलों को जिम्मेदार ठहराया है। गठबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में नागरिकों पर क्रूर हमले किए हैं और उन्हें इसके लिए बिना दंड के नहीं छोड़ा जाएगा। यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच संघर्ष लंबे समय से जारी है। सऊदी अरब वर्ष 2015 से हूतियों के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच समय-समय पर हमले होते रहे हैं।दो हवाई अड्डों पर ताजा हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा सऊदी अरब की ओर से जवाबी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। Share This Article Post navigation अमेरिका में विदेशी छात्रों पर भारी बोझ की तैयारी, ओपीटी के लिए 70 हजार डॉलर शुल्क का प्रस्ताव