Share This Article रायपुर, 09 अक्टूबर 2026। Anjor Chhattisgarh 2047 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के प्रतिभागियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए अपने छात्र जीवन, संघर्ष और जनसेवा की यात्रा के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने युवा फेलो से कहा कि वे अपने ज्ञान, कौशल और नए विचारों का उपयोग शासन व्यवस्था को समझने के साथ-साथ आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने फेलो से जिलों में काम करते समय स्थानीय जरूरतों को समझने, आंकड़ों और जमीनी अनुभव के आधार पर सुझाव देने तथा विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और ईमानदारी को सफलता का आधार बताया। शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर मुख्यमंत्री ने रखी बात अपने छात्र जीवन को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित शैक्षणिक सुविधाओं के दौर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों और अन्य योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगारपरक कौशल को भी जरूरी बताते हुए कहा कि प्रदेश के लाइवलीहुड कॉलेजों और आधुनिक बनाए जा रहे आईटीआई के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उनके अनुसार, पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले में भी लगभग पांच हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिले। निवेश, मेडिसिटी और AI मिशन पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिसिटी और पांच हजार बिस्तरों की अस्पताल सुविधाओं की परिकल्पना का भी उल्लेख किया। आधुनिक तकनीक पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा देने और लगभग डेढ़ हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। संघर्ष के दिनों को याद कर युवाओं को किया प्रेरित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि लगभग दस वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्हें परिवार की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। परिवार में सबसे बड़े होने के कारण उन्होंने खेती-बाड़ी सहित कई जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों ने उन्हें परिश्रम, जिम्मेदारी और कठिनाइयों का सामना करना सिखाया। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि निर्विरोध सरपंच चुने जाने के बाद उन्हें विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में जनसेवा का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने युवा फेलो से कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाना चाहिए तथा जनकल्याण को अपने कार्य का केंद्र बनाना चाहिए। दो साल की फेलोशिप में 36 युवा सीखेंगे प्रशासन की कार्यप्रणाली सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने बताया कि फेलोशिप के द्वितीय बैच में 36 युवाओं का चयन किया गया है। ये प्रतिभागी इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। दो वर्षीय कार्यक्रम में पांच माह का अध्ययन एवं प्रशिक्षण और 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। प्रारंभिक तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी जिला प्रशासन के साथ काम करेंगे। इस दौरान वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं को करीब से समझेंगे। कार्यक्रम में युवाओं को ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ विजन डॉक्यूमेंट का अध्ययन करने के लिए भी प्रेरित किया गया। Share This Article Post navigation SC ST Act : अत्याचार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी व्यवस्था मजबूत, 5,012 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी