Agriculture India: Today's Sowing, Tomorrow's Security – India to Become Self-Reliant in Pulse ProductionAgriculture India
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Agriculture India : भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार का ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ किसानों की आय बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

वर्ष 2030-31 तक देश में दलहन उत्पादन बढ़ाकर 350 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद का भरोसा, उन्नत बीज और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

₹11,440 करोड़ का मिशन

वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन के लिए ₹11,440 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में सुधार करना और दलहन के आयात पर निर्भरता कम करना है।

अरहर, उड़द और मसूर की खरीद पर जोर

किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए अरहर, उड़द और मसूर की सरकारी खरीद पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पंजीकृत किसानों से निर्धारित नियमों के तहत MSP पर खरीद की व्यवस्था उनकी आय को सुरक्षा देने और दलहन की खेती के प्रति विश्वास बढ़ाने में मदद करेगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पारदर्शिता

‘साथी’ (SATHI) पोर्टल के जरिए बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणीकरण और बिक्री तक निगरानी की जाती है। वहीं, ‘ई-समृद्धि’ प्लेटफॉर्म खरीद, भंडारण और किसानों को सीधे भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद करता है।

खेती का रकबा और प्रसंस्करण बढ़ाने की योजना

मिशन के तहत दलहन की खेती का क्षेत्र बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर करने और उत्पादकता में सुधार का लक्ष्य है। इसके अलावा, दलहन प्रसंस्करण के लिए 1,000 इकाइयां स्थापित करने की योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिल सकता है।

पोषण सुरक्षा के साथ विदेशी मुद्रा की बचत

दलहन उत्पादन में वृद्धि से देश की प्रोटीन जरूरतों को पूरा करने, आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। मिशन की सफलता भारत को दलहन क्षेत्र में दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा सकती है।


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