Share This Article रायपुर, 25 अक्टूबर 2026। CG Paddy 2026 : छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में पंजीकृत किसानों से 15 नवंबर 2026 से धान की खरीदी शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। दी गई जानकारी के अनुसार, धान की दर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल और खरीदी की अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के मंच से धान खरीदी की तारीखों की घोषणा की। धान खरीदी राज्य के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। खरीदी सीजन शुरू होने से पहले किसान अपनी फसल तैयार करने और उपार्जन केंद्रों में धान बेचने की योजना बना सकेंगे। 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य राज्य सरकार ने इस सीजन में कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इस तरह नए सीजन का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में 20 लाख मीट्रिक टन अधिक है। सरकार का यह लक्ष्य खरीदी व्यवस्था की तैयारियों और उपार्जन केंद्रों के संचालन को महत्वपूर्ण बनाता है। धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन जरूरी धान बेचने के इच्छुक किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन सहित लागू औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी रहेगी। किसानों को अपना पंजीयन और संबंधित दस्तावेज समय रहते तैयार रखने चाहिए। टोकन के आधार पर होगी खरीदी उपार्जन केंद्रों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू रहेगी। किसानों को निर्धारित तारीख और समय के अनुसार धान लेकर केंद्र पहुंचना होगा। इससे खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। धान में नमी 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए धान बेचने से पहले उसकी गुणवत्ता और नमी का ध्यान रखना जरूरी होगा। दी गई जानकारी के अनुसार, धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। किसानों को फसल को अच्छी तरह सुखाकर निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उपार्जन केंद्र ले जाना चाहिए। Share This Article Post navigation Agriculture India : आज की बुआई, कल की सुरक्षा : दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा भारत