Share This Article रायपुर, 12 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए जानलेवा हमले की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को बेहद भयावह और दुखद बताते हुए संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया स्पष्ट कर सकता है। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, हमले में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। संयुक्त बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि यह बहुत भयानक है। जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका इस हमले के जवाब में क्या कदम उठाएगा, तो उन्होंने कहा, आपको जल्द ही पता चल जाएगा, लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि यह बहुत भयानक घटना है। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में जो हुआ है, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। सऊदी अरब की रक्षा क्षमता के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सऊदी अपनी रक्षा करने में सक्षम है और वहां के सैनिक अच्छे लड़ाके हैं। हालांकि, उन्होंने हवाई अड्डे पर हुए हमले को बेहद गंभीर और दुखद बताया।हूती विद्रोहियों के साथ अमेरिका के संपर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन की हूती समूहों के साथ बातचीत चल रही है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका इस बात पर विचार कर रहा है कि उसे हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में शामिल होना चाहिए या नहीं। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, संभव है। हम इस पर विचार करेंगे। हालांकि, सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अब तक हमले के लिए किसी संगठन को आधिकारिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया है। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अधिकारियों और एक राजनयिक सूत्र ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर हमले का आरोप लगाया है। हूती समूह ने इसी सप्ताह हवाई अड्डे पर हुए पहले के हमलों की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन शनिवार की घटना को लेकर तत्काल कोई दावा नहीं किया। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मृतकों में किसी भारतीय नागरिक का नाम नहीं है। घायलों में कई लोगों की स्थिति गंभीर बताई गई है। हमले के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों को हवाई अड्डे से दूर रहने की सलाह दी है। उड़ानों के रद्द होने से अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। ईरान से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल पीछे हट सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भविष्य में ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। उन्होंने कहा कि स्थिति कुछ शांत होती दिखाई दे रही है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव से पहले ईरान कुछ अतिरिक्त कदम उठा सकता है, यह सोचकर कि इससे अमेरिका को नुकसान होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस स्थिति को बहुत जल्दी समाप्त कर सकता है। रियाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद अमेरिका की संभावित प्रतिक्रिया, हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और क्षेत्र में ईरान की भूमिका को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से हमले के जवाब में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में अभी कोई विस्तृत आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। Share This Article Post navigation Trump on Ukraine : ट्रंप ने जेलेंस्की से कहा- अब राष्ट्रपति बदलने और चुनाव कराने का समय, रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से भी नाराज जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी नाव डूबी, 109 की मौत, 116 लापता