RBIRBI
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रायपुर, 13 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रहे रुपये को सोमवार, 12 अक्टूबर को बड़ी राहत मिली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए उपायों के बाद शुरुआती कारोबार में रुपया 1 रुपये से ज्यादा मजबूत होकर 95.73 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को यह 96.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

RBI ने डॉलर की मांग घटाने और रुपये में गिरावट रोकने के लिए तेल कंपनियों को डॉलर उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था सहित विदेशी मुद्रा कारोबार के नियम सख्त किए हैं।

रुपये में क्यों आई तेजी?

रुपये पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेश में कमी के कारण दबाव बना हुआ था। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, जिसके भुगतान के लिए डॉलर की जरूरत होती है। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये की कीमत घटती है।

RBI के 3 बड़े कदम

  • तेल कंपनियों को राहत: इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों के लिए डॉलर की अलग व्यवस्था की गई है, जिससे खुले बाजार में डॉलर की मांग घटाने में मदद मिल सकती है।
  • बैंकों पर सख्ती: आयात के लिए किए गए डॉलर के सौदों पर अतिरिक्त नियम लागू किए गए हैं। बैंकों को संबंधित सौदों की रकम का 20% RBI के पास जमा करना होगा.
  • डॉलर कारोबार के नियम बदले: बिना कारोबारी जरूरत बताए डॉलर के सौदों की सीमा 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दी गई है। सौदों को बार-बार रद्द कर दोबारा करने पर भी रोक लगाई गई है।

रुपये की गिरावट की प्रमुख वजहें

कच्चे तेल की महंगाई, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, बॉन्ड पर बढ़ता ब्याज और विदेशी निवेश में कमी रुपये पर दबाव डाल रहे हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भी रुपये में गिरावट देखी गई है।

आगे क्या रहेगा रुपये का रुख?

बाजार विशेषज्ञ अनिंद्य बनर्जी के अनुमान के मुताबिक, निकट भविष्य में डॉलर की कीमत 94 से 97 रुपये के बीच रह सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और विदेशी निवेश बढ़ने से रुपये को और मजबूती मिल सकती है।


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