Share This Article रायपुर, 16 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / भारत के पारंपरिक कृषि उत्पादों की विदेशों में मांग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की सहायता से तमिलनाडु से 1.755 मीट्रिक टन प्रमाणित जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली खेप बुल्गारिया भेजी गई है। इससे भारतीय उत्पादकों को नए बाजार मिलने और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। यूरोपीय बाजार में बढ़ेगी भारतीय उत्पादों की पहुंच 15 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के इरोड जिले के गोबिचेट्टीपलयम से बुल्गारिया के वर्ना के लिए खेप रवाना की गई। इसे चेन्नई बंदरगाह से समुद्री मार्ग के जरिए भेजा जाएगा। उत्पाद को भारत के राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) और यूरोपीय संघ के जैविक मानकों के अनुसार प्रमाणित किया गया है। किसानों और निर्माताओं को मिलेगा अधिक मूल्य इस पहल के तहत 137 एकड़ भूमि पर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। निर्यात से किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में लगभग 15 से 22 प्रतिशत अधिक मूल्य, जबकि निर्माताओं को करीब 17 प्रतिशत अधिक मूल्य मिलने का अनुमान है। पारंपरिक उत्पाद को वैश्विक पहचान ताड़ के फूलों के रस से तैयार गुड़ पाउडर भारत का पारंपरिक मीठा उत्पाद है। इसे परिष्कृत चीनी के विकल्प के रूप में भी देखा जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी पहुंच बढ़ने से तमिलनाडु के पारंपरिक उत्पादों और जैविक खेती को प्रोत्साहन मिल सकता है। एपीडा ने निभाई अहम भूमिका एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्राधिकरण भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने, गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और विदेशी खरीदारों से संपर्क स्थापित करने में सहयोग करता है। इस निर्यात से भारतीय जैविक उत्पादों के लिए नए बाजार खुलने और पारंपरिक कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है। Share This Article Post navigation भारत के निर्यात में 23% की उछाल…इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग सामानों की बढ़ी मांग त्योहारों से पहले प्याज की आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी… पूर्वोत्तर में भेजा गया 2,800 टन से अधिक प्याज