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रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के वस्तु निर्यात में सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

निर्यात बढ़कर 44.40 अरब डॉलर पहुंच गया। इलेक्ट्रॉनिक, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया। हालांकि, आयात में बढ़ोतरी के कारण व्यापार घाटा बढ़कर 30.21 अरब डॉलर हो गया।

छह महीने में कुल निर्यात 13.84% बढ़ा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-सितंबर अवधि में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात अनुमानित 476.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 418.31 अरब डॉलर से 13.84 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान वस्तुओं का निर्यात 18.51 प्रतिशत बढ़कर 259.89 अरब डॉलर पहुंच गया।

इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्यात में 70% की उछाल

सितंबर में प्रमुख उत्पादों के निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।

  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: 70.44% बढ़कर 5.31 अरब डॉलर।
  • पेट्रोलियम उत्पाद: 31.90% बढ़कर 6.22 अरब डॉलर।
  • रसायन: 24.21% बढ़कर 2.94 अरब डॉलर।
  • इंजीनियरिंग सामान: 20.91% बढ़कर 12.17 अरब डॉलर।
  • सूती धागा, कपड़े और हथकरघा उत्पाद: 20.76% बढ़कर 1.12 अरब डॉलर।

आयात बढ़ने से व्यापार घाटा 30.21 अरब डॉलर

सितंबर में भारत का वस्तु आयात 8 प्रतिशत बढ़कर 74.61 अरब डॉलर रहा। इससे व्यापार घाटा अगस्त के 26.86 अरब डॉलर से बढ़कर 30.21 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, यह पिछले साल सितंबर के 33 अरब डॉलर के घाटे से कम है।

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निर्यात में मजबूती

निर्यातकों के संगठन फियो के अध्यक्ष एस.सी. राल्हन के अनुसार, अमेरिकी आयात शुल्क को लेकर अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याओं के बावजूद भारतीय निर्यातकों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

उन्होंने नए बाजारों की तलाश और मौजूदा व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।

इंजीनियरिंग निर्यात में लगातार छठे महीने वृद्धि

ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्डा के मुताबिक, सितंबर में इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात करीब 21 प्रतिशत बढ़ा।

अप्रैल-सितंबर अवधि में यह 19.7 प्रतिशत बढ़कर अनुमानित 70.87 अरब डॉलर पहुंच गया। उनके अनुसार, नए मुक्त व्यापार समझौते भारतीय उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खोल सकते हैं।

क्या है इसका महत्व?
इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग उत्पादों की बढ़ती मांग भारतीय उद्योगों की वैश्विक बाजार में मजबूत होती भागीदारी का संकेत देती है। हालांकि, निर्यात की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए नए बाजारों तक पहुंच और वैश्विक व्यापार संबंधी चुनौतियों से निपटना महत्वपूर्ण होगा।


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