Share This Article रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को अनुचित बताते हुए दंगे और लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए मैक्रों ने हो रहे प्रदर्शनों पर पुलिस की प्रतिक्रिया में ‘पूर्ण पारदर्शिता’ का वादा किया और कहा कि जिन्होंने तोडफ़ोड़ की है उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। फ्रांसीसी नेता ने कहा, आज रात हम सभी क्रोध और शर्म महसूस कर रहे हैं। मैक्रों ने इस बात पर जोर दिया कि वैध प्रदर्शनकारियों और तोडफ़ोड़-लूटपाट करने वालों के बीच अंतर करना आवश्यक हो गया है।उन्होंने कहा, जिन्होंने उपद्रव किया है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। मैक्रों ने इस हिंसा के लिए कुछ समूहों को दोषी ठहराया है, जिसे उन्होंने कट्टरपंथी वामपंथी और आपराधिक तत्व बताया। उन्होंने कहा, इन तस्वीरों को देखकर हम सब सोच रहे थे, आखिर इन्हें क्या हो गया था? फ्रांसीसी लोग फ्रांस के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?फ्रांस में प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक में जमा हुए समूहों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले और स्टन ग्रेनेड दागे। लिमोज में, 19वीं सदी के टाउन हॉल को दंगाइयों ने आग लगा दी, जिससे उसकी छत और घंटाघर ढह गए। कई दुकानों को लूटा गया। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि नांटेस में वाहन की चपेट में आने से पुलिस अधिकारी और पेरिस में एक प्रदर्शनकारी की मृत्यु हुई है। फ्रांस में 2 कारणों से प्रदर्शन हो रहे हैं। पहला बढ़ती महंगाई और ईंधन के दामों में बढ़ोतरी, जबकि दूसरा स्कूल की बदहाल स्थिति और शिक्षा बजट में कटौती है। फ्रांस में बीते करीब एक महीने से स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। इस दौरान कई जगहों पर हिंसक झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक इमारतों को भी आग के हवाले कर दिया है। प्रदर्शन में अनुमानित 5.50 लाख लोग शामिल हैं। Share This Article Post navigation नेतन्याहू ने ट्रंप के बाद अमेरिका से खतरा बताया, भारत-लैटिन अमेरिका देशों से गठबंधन का आह्वान