Share This Article रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / चीन ने अमीर कारोबारियों की विदेशों में रखी संपत्ति और उससे होने वाली कमाई पर टैक्स का दबाव बढ़ा दिया है। नए नियमों के तहत विदेशी ट्रस्ट से होने वाले मुनाफे पर 20% तक टैक्स लगाया जा सकता है। इससे दुनिया के आठ बड़े अरबपति प्रभावित हो सकते हैं, जिनकी संबंधित हिस्सेदारी का कुल मूल्य करीब 140.2 अरब डॉलर बताया गया है। इन कारोबारियों को बिना जुर्माने के टैक्स संबंधी देनदारियों की जानकारी देने और भुगतान करने के लिए 22 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। विदेशी ट्रस्ट के जरिए रखी गई संपत्ति पर नजर चीनी कारोबारी लंबे समय से अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और केमैन आइलैंड्स जैसे विदेशी वित्तीय केंद्रों में ट्रस्ट के जरिए रखते आए हैं। इन ट्रस्टों के माध्यम से चीन में कारोबार करने वाली कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है। इन अरबपतियों पर पड़ सकता है असर संभावित रूप से प्रभावित कारोबारियों में वीडियो गेम कंपनी NetEase के संस्थापक विलियम डिंग और ई-कॉमर्स कंपनी PDD Holdings के संस्थापक कॉलिन हुआंग शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशों में उनकी संपत्ति का मूल्य क्रमशः करीब 37 अरब डॉलर और 29 अरब डॉलर है। कंपनियों की बढ़ती कीमत से बढ़ी चिंता कई कारोबारियों की संपत्ति में उनकी कंपनियों के शेयरों की कीमत बढ़ने से भारी इजाफा हुआ है। कंपनियों के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद मूल्य बढ़ने से पुराने ट्रस्टों पर भी टैक्स संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। अरबपतियों के नाम सार्वजनिक नहीं चीनी सरकार ने प्रभावित होने वाले किसी अरबपति का नाम आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन सभी कारोबारियों पर वास्तव में कितना टैक्स बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ कारोबारी अपने पुराने ट्रस्टों के पुनर्गठन के विकल्प तलाश रहे हैं। क्या है इसका मतलब? चीन का यह कदम विदेशों में संपत्ति रखने वाले अमीर नागरिकों के लिए टैक्स अनुपालन को अधिक महत्वपूर्ण बना सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर संबंधित ट्रस्टों की संरचना और प्रत्येक कारोबारी की कर स्थिति पर निर्भर करेगा। Share This Article Post navigation न्यूयॉर्क में आव्रजन अधिकारी ने कार सवार व्यक्ति को मारी गोली, पांच वर्षीय बच्चा भी था मौजूद