Bastar Water Supply SchemeBastar Water Supply Scheme
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रायपुर, 25 अक्टूबर 2026। Bastar Water Supply Scheme : छत्तीसगढ़ के बस्तर नगर पंचायत में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने 57.71 करोड़ रुपये की नई जलप्रदाय योजना को मंजूरी दी है। अमृत मिशन 2.0 के तहत स्वीकृत इस परियोजना से शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर करने का लक्ष्य है। योजना के अंतर्गत करीब 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 2,700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजना को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मारकंडी नदी से पहुंचेगा शहर के घरों तक पानी

बस्तर जलप्रदाय योजना के तहत मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल बनाया जाएगा। यहां से कच्चे पानी को पाइपलाइन के जरिए जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। शुद्धिकरण के बाद पानी को शहर के वितरण नेटवर्क के माध्यम से घरों तक उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।

65 से बढ़कर 135 लीटर होगी पानी की उपलब्धता

वर्तमान में बस्तर नगर पंचायत में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 65 लीटर पेयजल उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। योजना पूरी होने के बाद यह मात्रा बढ़कर 135 लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। यानी प्रति व्यक्ति रोजाना 70 लीटर अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे घरेलू जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तीन एमएलडी का जल शोधन संयंत्र और जलागार बनेगा

परियोजना के तहत तीन एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके साथ 500 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार बनाया जाएगा। शहर में लगभग 73 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ 2,700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना है। स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक संचालन और संधारण का खर्च भी शामिल है।

अरुण साव बोले- पेयजल व्यवस्था का होगा कायाकल्प

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के माध्यम से बस्तर नगर पंचायत में सभी परिवारों तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को परियोजना में उच्च तकनीकी मानकों और निर्माण गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी और प्रगति की समीक्षा करने पर जोर दिया। योजना के सभी घटकों को निर्धारित गुणवत्ता के साथ जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


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