Share This Article रायपुर, 27 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की मांग तेज करते हुए स्पष्ट किया है कि बिना वीटो पावर के स्थायी सदस्यता स्वीकार्य नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि नई स्थायी सीटों को वीटो अधिकार से वंचित रखना भेदभावपूर्ण होगा। भारत ने 1945 की पुरानी व्यवस्था से आगे बढ़कर सभी स्थायी सदस्यों को समान अधिकार देने की वकालत की। समान अधिकार के बिना सुधार अधूरे पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि जब तक वीटो व्यवस्था बनी हुई है, तब तक सभी स्थायी सदस्यों को समान अधिकार मिलने चाहिए। बिना वीटो वाली स्थायी सीटें नए सदस्यों को दूसरे दर्जे का बना देंगी और वैश्विक असमानता को बढ़ावा देंगी। सुरक्षा परिषद में व्यापक बदलाव की मांग भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधारों पर जोर दिया। हरीश के मुताबिक, केवल छोटे-मोटे बदलाव पर्याप्त नहीं हैं। सुधार प्रक्रिया के सभी पांच पहलुओं पर एक साथ काम करना जरूरी है, ताकि परिषद को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाया जा सके। वीटो के इस्तेमाल पर उठाए सवाल भारत ने 2022 में शुरू हुई वीटो संबंधी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद वीटो के लगातार इस्तेमाल से व्यवस्था की खामियां सामने आई हैं। भारत का रुख स्पष्ट है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र को पुराने ढर्रे पर नहीं चलाया जा सकता। सुरक्षा परिषद में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए ठोस सुधार जरूरी हैं। Share This Article Post navigation कम लागत, हरित बिजली और समुद्री संभावनाएं : दुनिया का डेटा सेंटर हब बन सकता है भारत समुद्र में भारत की ताकत को मिलेगा नया दम…! नौसेना के लिए 4 नए महाविनाशक युद्धपोतों को मंजूरी