Share This Article रायपुर, 27 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / किसानों के लिए पारंपरिक सफेद फूलगोभी के बजाय नारंगी और बैंगनी फूलगोभी की खेती कमाई बढ़ाने का नया विकल्प बन सकती है। आकर्षक रंग और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इनकी बाजार में अलग पहचान है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की विकसित किस्में किसानों को खेती में विविधता लाने का अवसर देती हैं। नारंगी फूलगोभी में बीटा-कैरोटीन ICAR की पूसा बेतकेसरी किस्म नारंगी रंग की होती है। इसमें बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो शरीर में विटामिन-A का स्रोत है। इसकी खेती सितंबर से जनवरी के बीच की जा सकती है। अनुकूल परिस्थितियों में इसके फूल का औसत वजन करीब 1.25 किलोग्राम और बाजार योग्य उपज 42 से 46 टन प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है। बैंगनी फूलगोभी भी विकल्प पूसा पर्पल-कॉलिफ्लावर-1 बैंगनी रंग की आकर्षक किस्म है। रोपाई के लगभग 85 से 90 दिन बाद इसकी फसल तैयार होती है। इसलिए किसानों को किस्म चुनते समय स्थानीय मौसम और फसल अवधि का ध्यान रखना चाहिए। बाजार की मांग देखकर करें खेती रंगीन फूलगोभी होटल, रेस्तरां और खास सब्जियों के बाजार में अवसर दे सकती है। हालांकि, इसकी कीमत और मांग क्षेत्र के अनुसार बदलती है। किसानों के लिए सलाह बड़े क्षेत्र में खेती करने से पहले स्थानीय बाजार में मांग और भाव की जानकारी लें। लागत, उपज और बिक्री का आकलन करके ही खेती का विस्तार करें। बेहतर प्रबंधन से यह पारंपरिक खेती का उपयोगी विकल्प बन सकती है। Share This Article Post navigation CG Paddy 2026 : छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 31 जनवरी तक चलेगी, किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी सरकार