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रायपुर, 27 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / भारत अपनी समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय नौसेना के लिए चार अगली पीढ़ी के विध्वंसक युद्धपोतों (नेक्स्ट जनरेशन डिस्ट्रॉयर) की खरीद के प्रस्ताव को शुरुआती मंजूरी दी है।

अत्याधुनिक हथियारों और आधुनिक तकनीक से लैस ये युद्धपोत दुश्मन के जहाजों, पनडुब्बियों और हवाई खतरों से निपटने में नौसेना की क्षमता बढ़ाएंगे।

पहले से ज्यादा शक्तिशाली होंगे युद्धपोत

नए डिस्ट्रॉयर मौजूदा युद्धपोतों की तुलना में अधिक बड़े और शक्तिशाली होंगे। इनमें उन्नत निगरानी प्रणाली, आधुनिक हथियार और अधिक मारक क्षमता होगी। ये समुद्र में दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों का पता लगाने के साथ उन्हें निशाना बनाने में भी सक्षम होंगे।

नौसेना की ताकत में होगा इजाफा

नए युद्धपोतों की खरीद से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, युद्धक क्षमता और रणनीतिक तैयारियों को मजबूती मिलेगी। खासकर समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और संभावित खतरों से निपटने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कब तक मिलेंगे नए डिस्ट्रॉयर?

फिलहाल खरीद प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। आगे शिपयार्डों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे और उनका मूल्यांकन होगा। इसके बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की मंजूरी और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अनुबंध होने के बाद युद्धपोतों के निर्माण और नौसेना में शामिल होने में कम से कम चार से पांच साल लग सकते हैं।


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