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रायपुर, 27 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को चेतावनी दी है कि वेनेजुएला में लोकतांत्रिक बदलाव की मौजूदा प्रक्रिया अगर विफल हुई तो देश गृहयुद्ध, सशस्त्र संघर्ष या पिछले दो दशकों वाले राजनीतिक दमन के दौर में लौट सकता है। उन्होंने साफ कहा कि वाशिंगटन अंतरिम नेतृत्व को अनिश्चितकाल तक चुनाव टालने की अनुमति नहीं देगा। रूबियो ने पत्रकारों के साथ टेली-कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर यह प्रक्रिया सफल नहीं होती है, तो इसका विकल्प और भी खराब होगा। देश के भीतर हिंसा और सशस्त्र संघर्ष हो सकता है या वेनेजुएला पिछले 20 वर्षों की स्थिति में लौट सकता है, जो वहां के लोगों के लिए अच्छा नहीं रहा है।”

चुनाव और न्यायिक सुधारों की समयसीमा तय

अमेरिका ने सुप्रीम कोर्ट (टीएसजे) और राष्ट्रीय निर्वाचन परिषद (सीएनई) के पुनर्गठन के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। वाशिंगटन इन सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक प्रोत्साहन का इस्तेमाल कर रहा है। रूबियो के अनुसार, अंतरिम प्रशासन ने भूकंप जैसी बाधाओं के बावजूद अब तक तय समयसीमाओं का पालन किया है। उन्होंने चुनाव की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई, लेकिन जोर दिया कि संस्थागत सुधारों को तेजी से पूरा करना जरूरी है। रूबियो का तर्क है कि मादुरो प्रशासन से विरासत में मिली संस्थाओं के रहते निष्पक्ष चुनाव कराना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “जब इलेक्टोरल काउंसिल को एक पक्ष के वफादार लोग नियंत्रित करते हैं और उनके पास उम्मीदवारों को रोकने की शक्ति हो, तो ऐसे चुनावों की वैधता पर सवाल उठेंगे।”

प्रतिबंधों का दबदबा बना रहेगा

रूबियो ने याद दिलाया कि व्यापक अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वाशिंगटन के पास वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की पर्याप्त क्षमता है। फिलहाल तेल से जुड़े कुछ लेन-देन विशेष छूट और सामान्य लाइसेंस के तहत जारी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर अंतरिम सरकार अपने वादों पर अमल नहीं करती तो इन रियायतों पर दोबारा विचार किया जा सकता है। उन्होंने इस आशंका को भी खारिज किया कि अंतरिम नेतृत्व बातचीत को खींचकर ट्रंप प्रशासन का समय खत्म होने का इंतजार कर सकता है। रूबियो ने कहा, “कोई भी यहां हमारा इंतजार नहीं करेगा।”

मादुरो गिरफ्तारी के बाद का नया अध्याय

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 3 जनवरी के अमेरिकी अभियान के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक और आर्थिक बदलावों को आगे बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी है। उस अभियान के परिणामस्वरूप निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया था। रूबियो ने दावा किया कि अंतरिम प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आपराधिक संगठनों और राजनीतिक सुधारों से जुड़े अमेरिकी अनुरोधों को माना है। ईरानी और क्यूबाई प्रभाव काफी कम हो गया है। उन्होंने एलेक्स साब के प्रत्यर्पण का भी जिक्र किया, जिन्होंने जुर्म कबूल कर अमेरिकी न्याय व्यवस्था से सहयोग किया है।

मारिया कोरिना मचाडो की वापसी और अमेरिका का रुख

रूबियो ने विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की वेनेजुएला वापसी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने कई हफ्ते पहले अंतरिम सरकार से बात करके सुनिश्चित किया था कि वह बिना किसी परेशानी के लौट सकें। उनकी जानकारी के अनुसार मचाडो पिछले दिन बिना किसी दिक्कत के देश लौट आई थीं। उन्होंने डेल्सी रोड्रिगेज की सार्वजनिक आलोचना पर कहा कि अमेरिका बयानबाजी नहीं, बल्कि काम से अंतरिम सरकार का मूल्यांकन कर रहा है।

लाखों वेनेजुएलियों की वापसी का लक्ष्य

रूबियो ने बताया कि छह से सात मिलियन वेनेजुएली नागरिकों को अपना देश छोड़ना पड़ा। स्थिर राजनीतिक व्यवस्था और आर्थिक सुधार उनकी वापसी को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने मौजूदा तरीके को बाइडेन प्रशासन की पिछली बातचीत से बेहतर बताया, जिसमें संस्थागत सुधारों से पहले रियायतें दी गई थीं। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण राजनीतिक समझौता और हिंसा से बचाव है। रूबियो के अनुसार, मौजूदा प्रक्रिया वेनेजुएला को बिना लंबे संघर्ष और अस्थिरता के लोकतांत्रिक गणराज्य बनने का सबसे अच्छा मौका दे रही है।


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